
अगर आप भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के बाद चालान को हल्के में ले रहे हैं और उसे पेंडिंग छोड़ रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस अब पेंडिंग चालानों को लेकर सख्त रुख अपना रही है, ताजा नियमों और न्यायिक प्रक्रियाओं के अनुसार, यदि आपने चालान कटने के 90 दिनों के भीतर जुर्माना नहीं भरा, तो आपको न केवल भारी आर्थिक चपत लगेगी, बल्कि आपके ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट पर भी खतरा मंडरा सकता है।
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वर्चुअल कोर्ट पहुंचेगा मामला, बढ़ेगी मुसीबत
नियमों के मुताबिक, चालान कटने के बाद एक निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर 90 दिन) के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है, यदि इस अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो चालान स्वतः ही वर्चुअल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। कोर्ट में मामला जाने के बाद आपको न केवल जुर्माना भरना होगा, बल्कि कानूनी कार्यवाही का सामना भी करना पड़ सकता है। आप अपने चालान की स्थिति परिवहन ई-चालान पोर्टल पर चेक कर सकते हैं।
लाइसेंस और RC हो सकते हैं ‘ब्लैकलिस्ट’
लंबे समय तक चालान पेंडिंग रखने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ परिवहन विभाग कड़ी कार्रवाई कर रहा है, विभाग के पास अधिकार है कि वह आपके ड्राइविंग लाइसेंस (DL) या वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) को ब्लैकलिस्ट कर दे, एक बार डॉक्यूमेंट ब्लैकलिस्ट होने के बाद आप न तो अपना वाहन बेच पाएंगे और न ही लाइसेंस को रिन्यू करा सकेंगे।
पासपोर्ट वेरिफिकेशन में फंसेगा पेंच
सबसे चौंकाने वाला पहलू पासपोर्ट से जुड़ा है। हालांकि ट्रैफिक चालान सीधे तौर पर पासपोर्ट रद्द नहीं करता, लेकिन यदि चालान का मामला कोर्ट में है और कोर्ट ने आपके खिलाफ समन या वारंट जारी कर दिया है, तो आपकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी, पासपोर्ट सेवा के नियमों के अनुसार, पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान यदि आपके नाम पर कोई कोर्ट केस या लंबित वारंट पाया जाता है, तो नया पासपोर्ट जारी होने या पुराने के रिन्यूअल पर तत्काल रोक लग सकती है।
बीमा और अन्य सुविधाओं पर असर
ट्रैफिक विभाग अब बीमा कंपनियों के साथ भी डेटा साझा करने की योजना पर काम कर रहा है। पेंडिंग चालान की स्थिति में आपके वाहन का इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ सकता है या रिन्यूअल में दिक्कत आ सकती है।
क्या है समाधान?
- चालान कटते ही उसे ऑनलाइन Parivahan Sewa के माध्यम से भर दें।
- यदि चालान की राशि अधिक है या कई चालान जमा हो गए हैं, तो आप समय-समय पर लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में जाकर रियायती दरों पर इनका निपटारा कर सकते हैं।
- अगर आपको लगता है कि चालान गलत कटा है, तो आप कोर्ट में इसे चुनौती भी दे सकते हैं।
सड़क पर सावधानी से वाहन चलाएं और यदि गलती से चालान कट जाए, तो उसे ‘ई-कोर्ट’ या ‘ब्लैकलिस्ट’ की नौबत आने से पहले ही निपटा लें।
















