
बिहार बोर्ड ने 12वीं की परीक्षाओं के लिए इस बार कमर कस ली है। 2026 की इंटर परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू हो रही हैं और 13 फरवरी तक चलेंगी। ये सैद्धांतिक परीक्षाएं हैं, जिनमें लाखों छात्र हिस्सा लेंगे। लेकिन बोर्ड ने चीटिंग रोकने के लिए कुछ ऐसे नियम बनाए हैं, जो सुनते ही आंखें फटी की फटी रह जाएंगी। खासकर जूता-मोजा पर बैन का नियम! चलिए, मैं आपको सरल भाषा में सब कुछ बताता हूं, ताकि आप या आपके बच्चे परीक्षा में फंसें नहीं। ये नियम इतने सख्त हैं कि थोड़ी सी लापरवाही पड़ी तो एंट्री ही बंद।
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जूता-मोजा पर पूरी तरह रोक
सबसे बड़ा धमाका ये है कि परीक्षा केंद्र पर जूता या मोजा पहनकर आना मना है। हां भाई, सिर्फ चप्पल पहनकर ही आपको अंदर घुसने दिया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि इससे चीटिंग के नए तरीके बंद हो जाएंगे। सोचिए, पहले लोग जूतों में पर्चियां छिपा लेते थे, अब वो खेल खत्म। मैंने सुना है कि कुछ छात्र तो ये सोच रहे हैं कि सर्दी में क्या करेंगे, लेकिन नियम तो नियम है। तो भूलिए मत, चप्पल पहनना मत भूलना। ये कदाचार रोकने की बड़ी चाल है, और बोर्ड इसे किसी भी सूरत में ढील नहीं देगा। अगर जूता पहन आए तो बाहर ही खड़े रहना पड़ेगा।
एडमिट कार्ड और फोटो आईडी
अब बात एडमिट कार्ड की। ये तो वैसे भी जरूरी है, लेकिन इस बार साथ में फोटो वाला आईडी लाना अनिवार्य कर दिया गया है। आधार कार्ड, वोटर आईडी या बैंक पासबुक जैसा कोई डॉक्यूमेंट ले जाना पड़ेगा। बिना इसके गेट पर ही रोक दिया जाएगा। कभी-कभी एडमिट कार्ड में फोटो गलत छप जाती है या नाम में स्पेलिंग मिस्टेक हो जाता है।
घबराओ मत! केंद्र पर ही पहचान पत्र दिखाकर सुधार करवा सकते हो। लेकिन याद रखो, एडमिट कार्ड स्कूल के प्रिंसिपल से साइन और स्टैंप लगवाकर ही लो। बिना इसके कोई काम नहीं चलेगा। ये छोटी-छोटी बातें परीक्षा के दिन परेशानी न बनें, इसलिए आज ही चेक कर लो।
समय पर पहुंचो, वरना गेट बंद!
समय की पाबंदी भी कमाल की है। फर्स्ट शिफ्ट वाले छात्र सुबह 9 बजे तक पहुंच जाओ। सेकंड शिफ्ट के लिए दोपहर 1:30 बजे तक। एक मिनट लेट हुए तो गेट बंद, कोई बहाना नहीं चलेगा। ट्रैफिक जाम हो या कुछ और, बोर्ड को कोई फर्क नहीं पड़ता। लाखों छात्रों की परीक्षा है, इसलिए अनुशासन जरूरी। मैं सलाह दूंगा कि आधा घंटा पहले पहुंच जाओ। बाहर इंतजार करते हुए चाय पी लो, लेकिन समय पर अंदर घुस जाओ। ये नियम इसलिए हैं ताकि परीक्षा सुचारू चले और कोई धांधली न हो।
गैजेट्स को घर पर ही छोड़ दो
परीक्षा हॉल में मोबाइल, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ या कोई इलेक्ट्रॉनिक आइटम ले जाना सख्त मना है। पकड़े गए तो न सिर्फ पेपर कैंसल, बल्कि आगे की परीक्षाओं पर भी असर पड़ सकता है। बोर्ड ने कही स्पष्ट चेतावनी दी है। सोचो, आजकल हर बच्चे के पास स्मार्टफोन है, लेकिन परीक्षा के दिन बैग में मत रखना। सिक्योरिटी चेक सख्त होगा। पानी की बोतल या ट्रांसपेरेंट पेन बैग ले जा सकते हो, लेकिन कुछ शक की चीज न लो। ये नियम छात्रों की भविष्य सुरक्षित करने के लिए हैं।
परीक्षा की तारीखें और तैयारी के टिप्स
तो कुल मिलाकर, सैद्धांतिक परीक्षाएं 2 से 13 फरवरी तक। रोजाना दो पालियां होंगी। छात्रों से अपील है कि इन नियमों को दिल पर ले लो। तैयारी अच्छी करो, रिवीजन पूरा करो, लेकिन परीक्षा केंद्र जाते वक्त ये चेकलिस्ट तैयार रखो: चप्पल, एडमिट कार्ड + आईडी, समय पर पहुंचना। अभिभावक भी बच्चों को समझाएं। बिहार बोर्ड का ये कदम सराहनीय है, क्योंकि चीटिंग से देश का भविष्य खराब होता है। मेहनत वाले टॉप करेंगे, बाकी बाहर।












