
भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण और मातृत्व सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एक मील का पत्थर साबित हुई है, जो आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि मां और शिशु के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 2017 में लॉन्च हुई यह योजना आज भी लाखों महिलाओं की जिंदगी बदल रही है, जिसमें कुल ₹5,000 की सहायता तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की जाती है।
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योजना के प्रमुख लाभ
PMMVY के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को ₹1,000 की पहली किस्त गर्भावस्था के 150 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन पर मिलती है। इसके बाद ₹2,000 की दूसरी किस्त प्रसव पूर्व जांच और रिकॉर्ड पर दी जाती है, जबकि तीसरी किस्त ₹2,000 शिशु जन्म के बाद प्रारंभिक टीकाकरण पूरा करने पर प्राप्त होती है।
विशेष रूप से, यदि दूसरी संतान बेटी हो, तो अतिरिक्त ₹6,000 की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है, जो लड़कियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है। यह योजना ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों (SECC 2011 डेटा आधारित) के लिए है, जिसमें SC/ST/OBC सभी वर्ग शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करोड़ों महिलाओं ने इसका लाभ उठाया है, जिससे कुपोषण में कमी आई है।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 19 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और वह सरकारी नौकरी या अन्य मातृत्व लाभ से वंचित न हो। आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल pmmvy.wcd.gov.in पर जाएं। सिटीजन लॉगिन चुनें, मोबाइल नंबर से OTP वेरीफाई करें, फिर डेटा एंट्री में बेनिफिशियरी रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें।
आधार कार्ड, जन्म तिथि, बच्चे का क्रम (पहला/दूसरा), मोबाइल, आईडी और एड्रेस प्रूफ अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद स्थिति ऐप या वेबसाइट से ट्रैक करें। वैकल्पिक रूप से, नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र पर रजिस्ट्रेशन संभव है, जहां MCP कार्ड अनिवार्य है।
हालिया अपडेट्स और प्रभाव
2026 तक योजना सक्रिय बनी हुई है, हालांकि संसद में “हजारों रुपये” का कोई नया मंत्री ऐलान नहीं हुआ यह क्लिकबेट हेडलाइंस का हिस्सा प्रतीत होता है। राज्य स्तर पर जैसे हरियाणा की मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता या उत्तर प्रदेश के NHM लाभ इसे पूरक बनाते हैं। योजना ने मातृ मृत्यु दर घटाने और टीकाकरण दर बढ़ाने में सफलता दिखाई है। फिर भी, जागरूकता की कमी एक चुनौती बनी हुई है।
महिलाओं को सलाह है कि देरी न करें, रजिस्ट्रेशन से पूर्व देखभाल सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक साइट या हेल्पलाइन 1800-111-221 पर संपर्क करें। यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए मजबूत आधार तैयार करने का सरकारी संकल्प है।
















