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Gold Reserve: भारत के पास कितना सोना? RBI के भंडार में 822 टन से अधिक सोना; दुनिया के टॉप 10 देशों में भारत शामिल।

भारत का स्वर्ण भंडार लगातार बढ़ रहा है। RBI के पास 822 टन से अधिक सोना मौजूद है, जिससे भारत दुनिया के टॉप 10 सोना भंडार रखने वाले देशों में शामिल हो गया है। जानिए कितने टन सोना भारत में है, कितने विदेशों में और क्यों बढ़ रहा है इसका महत्व।

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Gold Reserve: भारत के पास कितना सोना? RBI के भंडार में 822 टन से अधिक सोना; दुनिया के टॉप 10 देशों में भारत शामिल।
Gold Reserve: भारत के पास कितना सोना? RBI के भंडार में 822 टन से अधिक सोना; दुनिया के टॉप 10 देशों में भारत शामिल।

भारत के लिए सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती का प्रतीक बन चुका है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश के पास लगभग 880.8 मीट्रिक टन सोना मौजूद है। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 58 टन की वृद्धि दर्शाता है, जब RBI के भंडार में 822.1 टन सोना था।

विशेषज्ञ बताते हैं कि इस वृद्धि के पीछे RBI की रणनीति विदेशों में रखे सोने को भारत वापस लाने और विदेशी मुद्रा भंडार का संतुलन बनाए रखने की नीति है। सितंबर 2025 तक RBI ने लगभग 64 टन सोना विदेशी तिजोरियों से भारत में वापस लाया है। अब देश के कुल भंडार का एक बड़ा हिस्सा भारत में ही सुरक्षित रखा गया है, जबकि शेष कुछ हिस्सा बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और BIS जैसी संस्थाओं में रखा है।

दुनिया में भारत की स्थिति

सोने के मामले में भारत अब दुनिया के टॉप 10 देशों में सातवें स्थान पर है। अमेरिका इस सूची में सबसे ऊपर है, जिसके पास 8,133 टन सोना है, जो भारत के भंडार से लगभग 9 गुना अधिक है। वहीं, जर्मनी, इटली, फ्रांस, रूस और चीन जैसी अर्थव्यवस्थाओं के भंडार भारत से बड़े हैं, लेकिन तेजी से बढ़ते भंडार के साथ भारत ने खुद को महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल कर लिया है।

रैंकदेशसोने का भंडार (टन)
1अमेरिका8,133.46
2जर्मनी3,350.25
3इटली2,451.84
4फ्रांस2,437.00
5रूस2,329.63
6चीन2,303.51
7भारत880.18
8जापान845.97
9तुर्की641.28
10नीदरलैंड612.45

सोने का महत्व और सुरक्षित निवेश

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना हमेशा से वैश्विक आर्थिक सुरक्षा का सर्वोत्तम साधन रहा है। मुद्रास्फीति, वैश्विक आर्थिक संकट या विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के समय सोना एक भरोसेमंद विकल्प साबित होता है। RBI भी इसी दृष्टिकोण से सोने को अपने विदेशी मुद्रा भंडार का सुरक्षित और स्थिर हिस्सा बनाकर रख रही है।

विश्लेषक मानते हैं कि सोने के भंडार में इस तेजी से वृद्धि का संकेत यह भी है कि भारत आर्थिक संकट के समय अपनी मुद्रा और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, घरेलू बाजार में सोने की आपूर्ति और निवेशकों की मांग को भी यह बढ़ता भंडार संतुलित करता है।

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