
नई दिल्ली: देश में लाखों घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ता अपनी सब्सिडी सीधे बैंक खाते में न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और अन्य घरेलू गैस सब्सिडी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को पैसा सीधे उनके खाते में ट्रांसफर किया जाता है। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि सिलेंडर खरीदने के बाद भी सब्सिडी का पैसा उनके खाते में नहीं पहुंचा।
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सब्सिडी न आने के आम कारण
सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है, लेकिन कई बार तकनीकी या दस्तावेज़ी कारणों से यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है। सबसे आम कारणों में आधार और बैंक खाते का लिंक न होना शामिल है। अगर आपका आधार नंबर बैंक खाते से सही तरह से लिंक नहीं है, तो सब्सिडी सीधे खाते में ट्रांसफर नहीं होगी। इसके अलावा, कभी-कभी बैंक ट्रांज़ैक्शन में देरी भी होती है। यह सामान्य प्रक्रिया है और 2‑3 दिन की देरी के बाद सब्सिडी अक्सर अपने आप पहुंच जाती है। इसके साथ ही, यदि आपका बैंक खाता निष्क्रिय या अमान्य है, तो भी सब्सिडी का ट्रांसफर विफल हो सकता है।
शिकायत कैसे दर्ज करें
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान और तेज़ बनाया है। अगर आपकी सब्सिडी आपके खाते में 4‑5 दिन के भीतर नहीं आई, तो आप सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सबसे पहले, आप टोल‑फ्री नंबर 1800‑2333‑555 पर कॉल कर सकते हैं। यह नंबर भारत भर के LPG उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध है और यहां कॉल करके आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से सब्सिडी न मिलने की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इसके अलावा, सरकार ने ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया भी शुरू की है। mylpg.in पोर्टल पर लॉगिन करके आप अपने एलपीजी कनेक्शन का सब्सिडी स्टेटस चेक कर सकते हैं और यदि सब्सिडी नहीं आई है, तो फीडबैक या शिकायत फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी PGPortal.gov.in पोर्टल पर भी उपभोक्ता सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज करने के बाद आमतौर पर 48 घंटे के भीतर समस्या का समाधान कर दिया जाता है और उपभोक्ता को मोबाइल या ई‑मेल के माध्यम से अपडेट भी मिलता है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार, बैंक खाता और गैस कनेक्शन लिंक सही तरीके से हुआ हो। आधार और बैंक खाते का सही लिंक न होना सबसे बड़ी वजह है कि सब्सिडी नहीं आती। इसके अलावा, सालाना अधिकतम 12 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ लिया जा सकता है। इससे अधिक सिलेंडर लेने पर सब्सिडी नहीं मिलती।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि यदि आप पहली बार शिकायत कर रहे हैं, तो टोल‑फ्री नंबर और ऑनलाइन पोर्टल दोनों के माध्यम से शिकायत दर्ज कराना सबसे तेज़ और भरोसेमंद तरीका है। इससे आपके द्वारा दर्ज की गई शिकायत सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है और उसका पालन करने की प्रक्रिया भी तेज़ होती है।
समाधान की प्रक्रिया और समय
सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, शिकायत दर्ज करने के बाद लगभग 48 घंटे के भीतर उपभोक्ता की समस्या का समाधान किया जाता है। यदि आपकी सब्सिडी तकनीकी कारणों से रुकी हुई है, तो संबंधित बैंक और गैस कंपनी तुरंत कार्रवाई करती है। इसके अलावा, उपभोक्ता को समाधान या अपडेट मोबाइल या ई‑मेल के माध्यम से प्राप्त होता है।
















