Join Youtube

Railway Ticket Hack: चार्ट बनने के बाद भी मिल जाएगी कंफर्म सीट! खाली बर्थ करने का ये है आसान तरीका

भारत में रोजाना 2 करोड़ यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं। चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म सीट पाएं! IRCTC 'Charts/Vacancy' से खाली बर्थ चेक करें, करंट बुकिंग लें, TTE से RAC अपग्रेड मांगें। नो-शो सीटें, बीच स्टेशन वैकेंसी और ऑन-स्पॉट अपग्रेड से लास्ट मिनट सफर पक्का। ये ट्रिक्स लाखों को बचा रही हैं!

Published On:
Railway Ticket Hack: चार्ट बनने के बाद भी मिल जाएगी कंफर्म सीट! खाली बर्थ बुक करने का ये है आसान तरीका

भारत में रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं। त्योहारों, छुट्टियों या इमरजेंसी में टिकट कन्फर्म कराना किसी जंग से कम नहीं लगता। ज्यादातर लोगों को यकीन है कि एक बार रिजर्वेशन चार्ट बन गया, तो सीट मिलने की कोई उम्मीद नहीं। लेकिन इंडियन रेलवे के नियमों में कई छिपे प्रावधान हैं, जो चार्ट तैयार होने के बाद भी कन्फर्म बर्थ दिला सकते हैं।

हमारी पिछली रिपोर्ट और ताजा रिसर्च से पता चला है कि IRCTC की ‘Charts/Vacancy’ सुविधा, करंट बुकिंग और TTE की मदद से लाखों यात्री आखिरी मौके पर सीट हासिल कर लेते हैं। अगर आप भी ट्रेन लवर हैं, तो ये टिकट हैक्स आपके सफर को आसान बना देंगे।

करंट बुकिंग: आखिरी मिनट का जादू

चार्ट बनने के 3-4 घंटे बाद भी कई सीटें खाली रह जाती हैं। कारण? यात्री कैंसल कर देते हैं या नो-शो हो जाते हैं। ऐसी बर्थ ‘करंट बुकिंग’ क्वोटा में आ जाती हैं। स्टेशन के PRS काउंटर पर जाकर या IRCTC ऐप/वेबसाइट पर चेक करें। NTES ऐप से रियल-टाइम वैकेंसी देखें और सीधे बुक करें। ट्रेन खुलने से 30 मिनट पहले भी मौका मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीक सीजन में ये ट्रिक 20-30% यात्रियों के लिए काम करती है। हमारी जांच में पाया गया कि दिल्ली-मुंबई राजधानी जैसी ट्रेनों में भी लास्ट मिनट 50-100 सीटें उपलब्ध होती हैं।

नो-शो और RAC का फायदा

टिकट बुक तो किया, लेकिन यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ा। TTE 15-20 मिनट इंतजार के बाद वो बर्थ RAC या वेटिंग लिस्ट वाले को अलॉट कर देता है। RAC धारकों के लिए ये सोने की चिड़िया है – बैठने की गारंटी तो है ही, खाली बर्थ मिलते ही फुल कन्फर्मेशन। ट्रेन चढ़ते ही विनम्रतापूर्वक TTE से बात करें, वैलिड ID दिखाएं। रेलवे नियमों के मुताबिक, ये प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी है। 2026 में Aadhaar लिंकिंग अनिवार्य होने से फर्जी टिकट कम हुए हैं, जिससे असली यात्रियों को ज्यादा फायदा हो रहा।

बीच स्टेशन और ऑन-स्पॉट अपग्रेड

कई यात्री आधे रास्ते उतर जाते हैं, जिससे आगे की सीट खाली हो जाती है। TTE उसे नेक्स्ट बोर्डर को दे सकता है। IRCTC के ‘Charts/Vacancy’ टूल से चेक करें: लॉगिन करें, ट्रेन नंबर-पॉइंट डालें, कलर-कोडेड लेआउट में खाली बर्थ दिखेगी। हाई क्लास (2AC/3AC) में वैकेंसी हो तो लोअर क्लास से अपग्रेड संभव। वीकल्प स्कीम चुनें – वेटिंग टिकट पर अल्टरनेटिव ट्रेन मिल सकती है। टिप: Rail Connect ऐप यूज करें, बायोमेट्रिक से तेज बुकिंग।

स्मार्ट टिप्स और सावधानियां

  • चार्ट रिलीज (ट्रेन से 4 घंटे पहले) के बाद हर 15 मिनट वैकेंसी चेक करें।
  • मास्टर लिस्ट में पैसेंजर डिटेल्स सेव रखें, UPI से पेमेंट चुनें।
  • UTS ऐप से अनरिजर्व्ड टिकट बुक करें अगर इमरजेंसी हो।
  • फर्जीवी से बचें: हमेशा ऑफिशियल IRCTC/NTES यूज करें।

2026 के नए नियमों (19 फरवरी से) में Aadhaar लिंकिंग पीक आवर्स (8AM-4PM) में जरूरी है, जो genuine बुकिंग बढ़ाएगा। रेलवे मंत्रालय के आंकड़ों से साबित है कि ये हैक्स सालाना लाखों टिकट वेस्टेज रोकते हैं। अगली बार वेटिंग टिकट न लें घबराएं – ये ट्रिक्स आजमाएं। सुरक्षित सफर!

Leave a Comment

अन्य संबंधित खबरें