
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की महिला निर्माण श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ (पूर्व नाम भगिनी प्रसूति सहायता योजना) के माध्यम से पंजीकृत महिला श्रमिकों को उनके बच्चे के जन्म पर ₹20,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
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योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य निर्माण कार्यों में लगी महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान वित्तीय सहारा देना है। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित यह योजना सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी के कारण मां और नवजात शिशु के पोषण व स्वास्थ्य से समझौता न हो।
किसे मिलेगा लाभ? (प्रमुख पात्रता शर्तें)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदिका को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:
- पंजीकृत श्रमिक: महिला को ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना चाहिए।
- न्यूनतम सदस्यता: योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक के रूप में पंजीयन आवेदन की तिथि से कम से कम 90 दिन पूर्व का होना चाहिए।
- संतान सीमा: यह लाभ केवल प्रथम दो बच्चों के जन्म तक ही सीमित है।
- समय सीमा: बच्चे के जन्म के 90 दिनों के भीतर ही आवेदन करना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
पात्र महिलाएं छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती है आवेदन के लिए ये दस्तावेज आवश्यक हैं:
- श्रमिक पंजीयन कार्ड (Labour Card)
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति
- शिशु का जन्म प्रमाण पत्र या जच्चा-बच्चा कार्ड
- नियोजक प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा पत्र
सरकार की इस पहल से अब तक हजारों महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिला श्रमिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
















