
देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर पीएफ ब्याज दर को बढ़ाकर 10% किए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिस पर अब सरकार ने संसद में अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में ब्याज दरों और नई योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए हैं।
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10% ब्याज की अटकलों पर विराम
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल पीएफ पर मिलने वाले ब्याज को 10% करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है मंत्री ने जानकारी दी कि श्रमिक संघों की ओर से ब्याज दर को इस स्तर तक बढ़ाने की कोई औपचारिक मांग भी प्राप्त नहीं हुई है बता दें कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने 8.25% की ब्याज दर को ही बरकरार रखने की सिफारिश की है।
कैसे तय होती है ब्याज दर?
संसद में दिए गए जवाब के अनुसार, ईपीएफ पर मिलने वाला ब्याज सीधे तौर पर ईपीएफओ द्वारा किए गए निवेश से होने वाली वास्तविक आय (Actual Income) पर निर्भर करता है। सरकार ने साफ किया कि फंड की वित्तीय स्थिति और कमाई के आधार पर ही दरें तय की जाती हैं।
निष्क्रिय खातों और नई योजनाओं पर बड़ा अपडेट
ब्याज दरों के अलावा सरकार ने खाताधारकों की सुविधा के लिए कुछ अन्य बड़े कदमों की भी जानकारी दी:
- पायलट प्रोजेक्ट: जिन निष्क्रिय (Inoperative) खातों में 1,000 रुपये से कम का बैलेंस है, उनके क्लेम सेटलमेंट को ऑटो-इनिशिएट करने के लिए एक विशेष पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इससे छोटे निवेशकों को अपना पैसा निकालने में आसानी होगी।
- नई सोशल सिक्योरिटी स्कीम: सरकार ने ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020’ के तहत तीन नई योजनाओं EPF स्कीम 2026, EPS 2026 और EDLI 2026 को मंजूरी दे दी है। ये योजनाएं आने वाले समय में कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेंगी।
















