
वित्त वर्ष (FY 2024-25) के अंत तक आते-आते अक्सर करदाता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि धारा 80C के तहत मिलने वाली ₹1.5 लाख की छूट की सीमा समाप्त हो गई है, अगर आप भी इसी श्रेणी में हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है, इनकम टैक्स एक्ट में ऐसे कई और विकल्प मौजूद हैं, जिनके जरिए आप 80C के अलावा भी लाखों रुपये का टैक्स बचा सकते हैं।
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NPS में ₹50,000 की अतिरिक्त छूट (Section 80CCD (1B))
ज्यादातर करदाता केवल 80C तक ही सीमित रह जाते हैं, लेकिन नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) आपको ₹50,000 की एक्स्ट्रा डिडक्शन का मौका देता है। यह ₹1.5 लाख की सीमा से अलग है, यानी आप कुल ₹2 लाख तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम (Section 80D)
बढ़ती बीमारियों के दौर में हेल्थ इंश्योरेंस न सिर्फ सुरक्षा देता है बल्कि टैक्स भी बचाता है आप अपने, पत्नी और बच्चों के प्रीमियम पर ₹25,000 तक क्लेम कर सकते हैं, वहीं, अगर आप अपने बुजुर्ग माता-पिता (Senior Citizens) का प्रीमियम भरते हैं, तो ₹50,000 की अतिरिक्त छूट मिलती है, कुल मिलाकर, इस सेक्शन में ₹75,000 से ₹1,00,000 तक की बचत संभव है।
होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख की राहत (Section 24b)
अगर आपने घर खरीदने के लिए लोन लिया है, तो आप एक साल में चुकाए गए ₹2 लाख तक के ब्याज पर टैक्स छूट पा सकते हैं यह मध्यम वर्ग के लिए टैक्स बचाने का सबसे बड़ा और कारगर हथियार माना जाता है।
एजुकेशन लोन का पूरा ब्याज (Section 80E)
हायर एजुकेशन के लिए लिए गए लोन पर चुकाया गया पूरा ब्याज टैक्स फ्री होता है खास बात यह है कि इस सेक्शन के तहत छूट की कोई ऊपरी सीमा (Upper Limit) तय नहीं है आप लोन शुरू होने के बाद लगातार 8 वर्षों तक इसका लाभ ले सकते हैं।
दान देकर बचाएं टैक्स (Section 80G)
अगर आप सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं, तो मान्यता प्राप्त चैरिटेबल ट्रस्ट या सरकारी फंड में दिया गया दान आपको टैक्स में राहत दिला सकता है, दान की गई राशि पर संस्थान के नियमों के अनुसार 50% से 100% तक की छूट क्लेम की जा सकती है।
ध्यान रहे कि ये सभी लाभ मुख्य रूप से पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनने वालों के लिए हैं यदि आप नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) अपनाते हैं, तो इनमें से अधिकांश कटौतियों का लाभ नहीं मिलेगा इसलिए निवेश से पहले कैलकुलेशन जरूर कर लें।
















