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Animal Care: सिर्फ ₹2 में पशुओं का इलाज! मोबाइल वेटनरी यूनिट के लिए इस नंबर पर करें कॉल, डॉक्टर आएंगे आपके द्वार।

अब पालतू जानवरों की बीमारी का डर खत्म सिर्फ ₹2 में विशेषज्ञ वेटनरी डॉक्टर आपके घर पहुँचकर तुरंत इलाज करेंगे। बिना लंबी कतार, बिना किसी झंझट। जानिए कैसे आपका प्यारा साथी स्वस्थ और खुश रह सकता है-तुरंत कॉल करें और डॉक्टर को बुलाएँ!

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Animal Care: सिर्फ ₹2 में पशुओं का इलाज! मोबाइल वेटनरी यूनिट के लिए इस नंबर पर करें कॉल, डॉक्टर आएंगे आपके द्वार।
Animal Care: सिर्फ ₹2 में पशुओं का इलाज! मोबाइल वेटनरी यूनिट के लिए इस नंबर पर करें कॉल, डॉक्टर आएंगे आपके द्वार।

ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं। अब आपके बीमार या घायल पशु के लिए अस्पताल तक लंबा सफर तय करने की जरूरत नहीं है। सरकारी मोबाइल वेटनरी यूनिट (Mobile Veterinary Unit-MVU) सेवा के तहत सिर्फ एक कॉल पर डॉक्टर आपके घर पहुंचकर इलाज, टीकाकरण, दवाइयाँ और स्वास्थ्य जांच जैसी सेवाएँ प्रदान करते हैं।

ग्रामीण इलाकों में पशु पालन किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन है। गाय, भैंस, बकरी और मुर्गी पालन से उनके परिवार का गुज़ारा चलता है। लेकिन अस्पतालों और वेटनरी क्लीनिकों तक लंबी दूरी और समय की कमी ने हमेशा एक बड़ी चुनौती पेश की है। इसी समस्या को देखते हुए राज्य और केंद्र सरकार ने मोबाइल वेटनरी यूनिट की शुरुआत की, ताकि पशु स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे घर तक पहुँचें।

कॉल पर घर आएगा डॉक्टर सिर्फ 1962

इस सेवा का प्रमुख लाभ यह है कि किसी भी पशु मालिक को बस टोल‑फ्री नंबर 1962 पर कॉल करना है। कॉल मिलते ही MVU की टीम आपके इलाके में निर्धारित समय पर पहुंचती है। टीम में एक पशु चिकित्सक, तकनीकी सहायक और जरूरी उपकरणों वाला वाहन होता है।

मोबाइल वेटनरी यूनिट की खासियत

मोबाइल वेटनरी यूनिट न केवल बीमार पशुओं का इलाज करती है, बल्कि ये टीकाकरण, डेंटल और मामूली सर्जरी, दवा वितरण, और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सेवाएँ भी प्रदान करती है। वाहन में पोर्टेबल उपकरण और दवाइयों का स्टॉक रहता है, जिससे टीम तत्काल किसी भी परिस्थिति में मदद कर सकती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कई राज्यों में MVU ने पहले ही हजारों पशुओं का इलाज और टीकाकरण किया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पशु मृत्यु दर में कमी आई है और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

₹2 का दावा या सरकारी सुविधा?

स्थानीय प्रचार में अक्सर यह सेवा ₹2 में इलाज का दावा करती है। हालांकि आधिकारिक सरकारी नीति के अनुसार, यह सेवा टोल‑फ्री और फ्री है। कई जगह यह शुल्क केवल सांकेतिक/स्थानीय प्रशासनिक शुल्क के रूप में बताया गया है।

किन राज्यों में उपलब्ध है MVU

मोबाइल वेटनरी यूनिट उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य ग्रामीण इलाकों में सक्रिय है। राज्य पशुधन विभाग नियमित रूप से MVU की समय-सारिणी और रूट तय करता है। इस पहल से ग्रामीण इलाकों में न केवल पशु स्वास्थ्य सेवाएँ सुगम हुई हैं, बल्कि किसानों की आय और जीवनयापन की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है।

आगे की राह

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी सेवाओं का विस्तार ग्रामीण इलाकों में पशुपालन की क्षमता बढ़ाने, बीमारियों की रोकथाम और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार की यह पहल यह दर्शाती है कि तकनीक और मोबाइल सेवाओं का सही इस्तेमाल ग्रामीण विकास में कैसे बदलाव ला सकता है। ग्रामीण इलाकों में अब सिर्फ एक कॉल की दूरी पर पशु डॉक्टर हैं, और यही बदल रहा है किसान और उनके पशुओं की दुनिया।

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