
सड़क यात्राओं के दौरान सबसे बड़ी चुनौती घंटों एक ही पोजीशन में बैठना होती है। लंबे हाईवे सफर पर कमर दर्द, थकान और असुविधा आम बात है। लेकिन अब कार निर्माता इस समस्या का समाधान एडजस्टेबल और रिक्लाइनिंग सेकंड-रो सीटों के रूप में दे रहे हैं। यह फीचर न केवल बुजुर्गों के लिए वरदान है, बल्कि बच्चों और पूरे परिवार के लिए कार के केबिन को लिविंग रूम जैसा बना देता है। 2026 में भारत के बाजार में 5 लाख रुपये से शुरू होने वाली कारें इस लग्जरी सुविधा से लैस हैं, जो मध्यमवर्गीय परिवारों की पहुंच में आ गई हैं।
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रिक्लाइनिंग सीट्स
सामान्य कारों में पीछे की सीटें फिक्स होती हैं, जहां बैकरेस्ट को पीछे नहीं झुकाया जा सकता। लेकिन रिक्लाइनिंग सीट्स में लीवर या बटन से ऊपरी हिस्सा 10-20 डिग्री पीछे झुक जाता है। इससे वजन समान रूप से बंटता है, रीढ़ पर दबाव कम होता है और थकान न के बराबर रहती है। कई मॉडल्स में स्लाइडिंग फंक्शन भी है, जो लेग्रूम को कस्टमाइज करता है। सोने के लिए ये घर के सोफे जैसा एंगल देती हैं।
पहले यह हवाई जहाज की बिजनेस क्लास या करोड़ों की SUV का फीचर था, अब बजट MPV में उपलब्ध। फायदे? लंबी यात्रा में आराम, बेहतर पोस्चर और फैमिली ट्रिप्स को यादगार बनाना।
टॉप बजट ऑप्शन्स
निसान ग्रेवाइट बाजार की स्टार है। 5.68 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू, इसकी दूसरी रो रिक्लाइनिंग सीट्स ड्यूल-टोन इंटीरियर और सुएड इंसर्ट्स के साथ आती हैं। 7-सीटर लेआउट फैमिली के लिए परफेक्ट, लंबे सफर को थकान-मुक्त बनाती है।
रेनॉल्ट ट्राइबर (5.76 लाख से) इसमें स्लाइड+रिक्लाइन देती है। तीसरी रो हटाने लायक है, जो सामान या कैंपिंग के लिए आइडियल। फ्लेक्सिबल स्पेस इसे शहर-हाईवे दोनों के लिए बेस्ट बनाता है। ये दोनों कम बजट में प्रीमियम फील देती हैं।
भरोसेमंद 7-सीटर्स
मारुति सुजुकी एर्टिगा (8.80 लाख) और टोयोटा रूमियन (10.51 लाख) एक प्लेटफॉर्म पर हैं। दूसरी रो स्लाइडिंग+रिक्लाइनिंग, थर्ड रो एडजस्टेबल। माइलेज 20 kmpl+, कम मेंटेनेंस और हाई रीसेल वैल्यू इन्हें मिडिल क्लास फेवरेट बनाती हैं। फैमिली आउटिंग्स के लिए स्पेस मैनेजमेंट कमाल का।
रफ एंड टफ विद कम्फर्ट
महिंद्रा थार ऑफ-रोडर लगती है, लेकिन स्ट्रैप मैकेनिज्म से रियर सीट्स रिक्लाइन होती हैं। एडवेंचर लवर्स के लिए लंबी राइड्स आरामदायक। टाटा सिएरा प्रीमियम है- टू-स्टेज रिक्लाइन, बॉस मोड और सुपरग्लाइड सस्पेंशन झटकों को सोख लेते हैं। ये SUV सैगमेंट में नया स्टैंडर्ड सेट कर रही हैं।
खरीदते समय रखें ध्यान
रिक्लाइनिंग डिग्री चेक करें, साथ ही रियर AC वेंट्स, आर्मरेस्ट जरूरी। ये फीचर्स अनुभव दोगुना करते हैं। लोअर बैक प्रेशर कम होने से हेल्थ बेनिफिट्स भी। दिल्ली जैसे शहरों में ऑन-रोड कीमत 10-20% ज्यादा, लेकिन EMI ऑप्शन्स आसान।
















