बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के हालिया 10वीं और 12वीं के नतीजों ने कई छात्रों को निराश किया है। कम नंबर या एक दो विषयों में असफलता ने परिवारों में उदासी छा दी। लेकिन यह अंत नहीं। बोर्ड ने स्क्रूटनी और कंपार्टमेंटल परीक्षा जैसे प्रभावी विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इनसे न केवल नंबर सुधर सकते हैं बल्कि पूरा शैक्षणिक सत्र भी बच सकता है।

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पासिंग मानदंड समझें
बोर्ड परीक्षाओं में कुल 500 अंकों पर कम से कम 33 प्रतिशत यानी करीब 150 से 165 अंक लाने जरूरी होते हैं। एक या दो विषयों में कमजोरी होने पर स्क्रूटनी से लाभ मिल सकता है। लेकिन तीन या इससे ज्यादा विषयों में असफलता पर पूरा वर्ष दोहराना पड़ सकता है। इसलिए सही समय पर सही कदम उठाना महत्वपूर्ण है। ज्यादातर छात्र पहले चेकिंग कराकर नंबर बढ़वाते हैं।
स्क्रूटनी, पहला और आसान कदम
यह उत्तर पुस्तिकाओं की गहन जांच की प्रक्रिया है। इसमें गिनती की गलतियां अनचाहे प्रश्नों की अनदेखी या मूल्यांकन में त्रुटियां सुधारी जाती हैं। कई बार 10 से 20 अंकों तक का इजाफा हो जाता है जो पासिंग लाइन पार करा देता है। आवेदन बोर्ड की मुख्य वेबसाइट पर रिजल्ट के कुछ दिनों बाद शुरू होता है। छात्रों को रोल नंबर डालकर विषय चुनना होता है। प्रति विषय मामूली शुल्क जमा कर फोटो अपलोड करें। परिणाम जल्द आ जाता है।
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कंपार्टमेंटल
अगर स्क्रूटनी से मनचाहा नतीजा न मिले तो कंपार्टमेंटल परीक्षा लें। यह सिर्फ असफल विषयों पर केंद्रित होती है। बाकी पास विषय वैध रहते हैं। सफलता मिलने पर सम्पूर्ण परिणाम पास हो जाता है और छात्र उच्च कक्षा में प्रवेश पा लेते हैं। परीक्षा ग्रीष्मकाल में आयोजित होती है। आवेदन के लिए वेबसाइट पर नजर रखें। शुल्क विषय अनुसार तय होता है।
आवेदन कैसे करें?
रिजल्ट घोषणा के 4 से 10 दिनों के अंदर ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय हो जाता है। आवश्यक विवरण जैसे रोल कोड फोटो और शुल्क भरें। बोर्ड समय समय पर अधिसूचना जारी करता है। हेल्पलाइन नंबरों से सहायता लें। विलंब से बचें क्योंकि सीटें सीमित होती हैं। शिक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं पहले स्क्रूटनी कराएं फिर आगे बढ़ें।
विशेषज्ञों की सलाह
शिक्षाविदों का मानना है ये प्रावधान छात्र मानसिक स्वास्थ्य के लिए वरदान हैं। अभिभावक समझाएं कि असफलता सुधार का मौका है। 70 प्रतिशत से अधिक छात्र इनसे लाभान्वित होते हैं। नियमित अपडेट के लिए आधिकारिक साइट देखें। सकारात्मक रहें सही प्रयास से भविष्य उज्जवल बनेगा।
















