
UIDAI के नवीनतम नियमों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2023 को या उसके बाद पैदा हुए बच्चों के लिए आधार कार्ड (Baal Aadhaar) बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य है, हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में राहत देने के लिए UIDAI ने वैकल्पिक दस्तावेजों की अनुमति भी दी है।
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बच्चों के लिए वैकल्पिक दस्तावेज (यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है)
यदि बच्चे का जन्म 1 अक्टूबर 2023 से पहले हुआ है या कुछ विशेष स्थिति है, तो निम्नलिखित दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है:
- यदि बच्चे के पास स्वयं का कोई दस्तावेज नहीं है, तो माता-पिता अपने आधार कार्ड और रिलेशनशिप प्रूफ (जैसे राशन कार्ड) के आधार पर बच्चे का नामांकन करा सकते हैं।
- यदि बच्चे के पास वैध भारतीय पासपोर्ट है, तो इसे पहचान और जन्मतिथि दोनों के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
- अनाथालयों या शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों के लिए संस्थान के प्रमुख द्वारा UIDAI के मानक फॉर्मेट पर जारी प्रमाण पत्र मान्य है।
- समूह ‘A’ के राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार द्वारा निर्धारित फॉर्मेट पर जारी फोटोयुक्त प्रमाण पत्र का उपयोग नामांकन के लिए किया जा सकता है।
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महत्वपूर्ण नियम और बदलाव (2026 तक के अपडेट)
- 5 साल से कम उम्र के बच्चों को नीले रंग का आधार (Baal Aadhaar) जारी किया जाता है, जो 5 साल की उम्र पूरी होने तक ही वैध होता है।
- जब बच्चा 5 साल और फिर 15 साल का हो जाता है, तो उसके बायोमेट्रिक्स (उंगलियों के निशान, आईरिस और फोटो) को अपडेट कराना अनिवार्य है। इसके बिना आधार कार्ड निष्क्रिय हो सकता है।
- हालिया नियमों के अनुसार, आधार कार्ड को अब जन्मतिथि (DoB) का आधिकारिक प्रमाण नहीं माना जाएगा। कानूनी उद्देश्यों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल मार्कशीट ही प्राथमिक दस्तावेज होंगे।
- पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब QR कोड वाले डिजिटल जन्म प्रमाण पत्रों को प्राथमिकता दे रही है।
आप Bhuvan Aadhaar Portal के माध्यम से अपने नजदीकी आधार केंद्र का पता लगा सकते हैं।
















