
क्या आपके पास भी ऐसा कोई पुराना बैंक अकाउंट है जिसे आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, अक्सर लोग नया खाता खुलवाने के बाद पुराने खाते को वैसे ही छोड़ देते हैं, लेकिन यही ‘इनएक्टिव’ (Inactive) खाता भविष्य में आपके सिबिल स्कोर को बिगाड़ने से लेकर आपकी जेब पर भारी चपत लगाने तक का कारण बन सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, यदि किसी खाते में लगातार 2 साल तक कोई ट्रांजेक्शन नहीं होता है, तो उसे ‘इनऑपरेटिव’ मान लिया जाता है ऐसे खातों पर न केवल धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि मिनिमम बैलेंस न रखने पर भारी पेनाल्टी भी देनी पड़ सकती है।
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अकाउंट बंद करने से पहले ध्यान रखें ये बातें
- खाते में कोई बैलेंस बचा है तो उसे पहले निकाल लें
- सभी ऑटो-डेबिट (ECS/NACH) और लिंक्ड सेवाएं बंद करा दें
- डेबिट कार्ड और चेकबुक बैंक में जमा करें
- अगर लोन या क्रेडिट कार्ड लिंक है तो उसे पहले क्लियर करें
ऐसे करें बैंक अकाउंट बंद
- अपनी बैंक ब्रांच में जाएं
- अकाउंट क्लोजर फॉर्म भरें
- जरूरी दस्तावेज (ID प्रूफ आदि) जमा करें
- बैंक अधिकारी से वेरिफिकेशन करवाएं
- क्लोजर कन्फर्मेशन रिसीव करें
कितना लगेगा चार्ज?
खाता बंद करने का शुल्क इस बात पर निर्भर करता है कि खाता खुले हुए कितना समय हुआ है आमतौर पर खाता खोलने के 14 दिनों के भीतर बंद करने पर कोई चार्ज नहीं लगता 15 दिन से लेकर 1 साल के बीच खाता बंद करने पर बैंक ₹200 से ₹1,000 तक वसूल सकते हैं, हालांकि, एक साल से पुराने सेविंग्स अकाउंट को बंद करने पर अधिकतर बैंक कोई चार्ज नहीं लेते।
यदि बैंक आपका खाता बंद करने में सहयोग नहीं करता है, तो आप 30 दिनों के बाद सीधे RBI लोकपाल (Ombudsman) से ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।
















