
त्योहारों की धूम छाने से पहले महाराष्ट्र शासन ने अपने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने विधानसभा में घोषणा की कि DA को 55% से बढ़ाकर 58% कर दिया गया है, जो 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगा। इससे राज्य के 5.16 लाख कर्मचारियों और 8.72 लाख पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा, कुल 13.88 लाख परिवारों की मासिक आय में इजाफा होगा।
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घोषणा का विवरण
यह फैसला बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारी वर्ग के लिए राहत की सांस है। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि नया DA मार्च 2026 की सैलरी से नकद भुगतान शुरू हो जाएगा। जुलाई से अक्टूबर 2025 तक का एरियर गुड़ी पड़वा (19 मार्च) पर मिलेगा, जबकि नवंबर 2025 से जनवरी 2026 का बकाया अलग आदेश से। त्योहारों से ठीक पहले यह आर्थिक सहारा कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान ला रहा है।
वित्तीय प्रभाव और बजट बोझ
DA बढ़ोतरी से राज्य खजाने पर अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन बजटीय प्रावधानों से इसे वहन किया जाएगा। अनुदानित संस्थाओं, जिला परिषदों और अन्य पात्र कर्मियों के लिए अलग फंड आवंटित। उदाहरणस्वरूप, यदि किसी कर्मचारी का बेसिक पे 50,000 रुपये है, तो 3% DA हाइक से मासिक 1,500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सालाना गणना करें तो प्रति कर्मचारी 18,000 रुपये का फायदा। पेंशनभोगियों के लिए भी यही फॉर्मूला लागू।
पिछली बढ़ोतरी और केंद्र का असर
पिछले साल फरवरी 2025 में शिंदे सरकार ने 12% DA बढ़ाया था, जो 44% से 55% हुआ। यह सिलसिला महंगाई दर (AIC) पर आधारित है, जो हर छह माह में समीक्षा होती है। केंद्र सरकार ने भी जुलाई 2025 से 3% DA हाइक किया, जिसका असर राज्यों पर पड़ा। महाराष्ट्र ने केंद्र के अनुरूप कदम उठाया।
अन्य राज्यों का ट्रेंड
केरल सरकार ने भी कर्मचारियों को 10% DA बढ़ोतरी दी, 25% से 35% हो गया। यह मार्च सैलरी में जुड़ेगा और स्थानीय निकायों, स्कूल-कॉलेज शिक्षकों को कवर करेगा। दक्षिण भारत में यह तीसरी लगातार बढ़ोतरी है। महाराष्ट्र का फैसला इसी रुझान का हिस्सा लगता है, जहां त्योहारों से पहले वेतन वृद्धि राजनीतिक रूप से फायदेमंद।
मंत्री का सोशल मीडिया बयान
आशीष जायसवाल ने ट्विटर पर पोस्ट साझा की: “राज्य शासकीय व इतर पात्र कर्मचाऱ्यांच्या महागाई भत्त्यात ३% वाढ!” विधानपरिषद में दिए गए बयान से साफ है कि फडणवीस सरकार कर्मचारी हितों को प्राथमिकता दे रही।
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी महासंघ ने स्वागत किया, लेकिन 8वें वेतन आयोग की मांग तेज। आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रस्तावित है, जो बेसिक सैलरी 2.86 गुना बढ़ा सकता। DA अस्थायी राहत है, स्थायी सुधार की जरूरत। विपक्ष ने इसे चुनावी लाभ बताया, लेकिन सरकार ने इसे महंगाई संतुलन का कदम कहा।
भविष्य की उम्मीदें
यह बढ़ोतरी 17 लाख लोगों को त्योहारों में आर्थिक बल देगी। होली (4 मार्च) और गुड़ी पड़वा पर बाजार गुलजार होंगे। हालांकि, वैश्विक महंगाई (मुद्रास्फीति 5-6%) को देखते हुए अगली समीक्षा जुलाई 2026 में हो सकती। केंद्र की DA घोषणा पर भी नजर। कुल मिलाकर, शिंदे-फडणवीस सरकार का यह कदम कर्मचारी मनोबल बढ़ाएगा।
















