
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों निष्क्रिय PF खाताधारकों के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। तीन साल से अधिक समय से निष्क्रिय 31.86 लाख खातों में जमा लगभग 11,000 करोड़ रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में लौटाई जाएगी। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता वाली समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो बैंकों की तर्ज पर EPFO की नई पहल है।
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निष्क्रिय खातों का बोझ खत्म
EPFO के आंकड़ों के अनुसार, नौकरी बदलने, पुरानी डिटेल्स अपडेट न करने या मृत्यु जैसी वजहों से लाखों खाते निष्क्रिय पड़े हैं। तीन साल तक कोई जमा या निकासी न होने पर खाता इनऑपरेटिव घोषित हो जाता है और ब्याज भी बंद। इनमें 7.11 लाख खाते ₹1,000 से कम राशि वाले हैं, कुल ₹30.52 करोड़ के साथ। बाकी 25 लाख खातों में ₹10,903 करोड़ जमा हैं।
श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह सदस्यों का अपना पैसा है, सरकार जब्त नहीं कर सकती। RBI की तरह EPFO भी सरल प्रक्रिया से रिफंड सुनिश्चित करेगा।” इससे संगठन का प्रशासनिक बोझ कम होगा और खाताधारक आसानी से अपना हक पा सकेंगे।
दो चरणों में रिफंड प्रक्रिया
पहला चरण: ₹1,000 या उससे कम वाले 7.11 लाख खातों का ऑटोमैटिक रिफंड। EPFO आधार-लिंक्ड बैंक खाते की पहचान कर सीधे ट्रांसफर करेगा। कोई क्लेम फॉर्म या डॉक्यूमेंट जरूरी नहीं। जीवित सदस्य, नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी सभी कवर होंगे।
दूसरा चरण: बाकी 25 लाख खातों के लिए आसान आधार-आधारित सत्यापन। जीवन प्रमाण पत्र या उत्तराधिकारी की पहचान चेक कर राशि जमा। 3 से 20 साल पुराने सभी निष्क्रिय खाते शामिल, बिना जटिल कागजी। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर बड़े बैलेंस वाले खाते भी कवर।
कैसे चेक करें और अपडेट रखें
खाताधारक EPFO पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर UAN से लॉगिन कर स्टेटस देखें। आधार, बैंक डिटेल्स, मोबाइल नंबर अपडेट रखें। UMANG ऐप या SMS सर्विस से अलर्ट पाएं। निष्क्रिय खाते को सक्रिय करने के लिए पासबुक डाउनलोड या ट्रांजेक्शन करें।
श्रम मंत्रालय की अन्य पहल
नए लेबर कोड के तहत असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बच्चों को अब एक से अधिक स्कॉलरशिप की छूट। पहले मंत्रालय की स्कॉलरशिप लेने पर राज्य/केंद्र की अन्य योजना से वंचित। अब मेरिट आधार पर कई छात्रवृत्तियां मिल सकेंगी, गरीब परिवारों को राहत।
सदस्यों के लिए सलाह
EPFO ने अपील की – नियमित पासबुक चेक करें, KYC अपडेट रखें। निष्क्रिय खाते से ब्याज रुक जाता है, इसलिए समय पर एक्शन लें। यह पहल करोड़ों को लाभ पहुंचाएगी, लेकिन जागरूकता जरूरी। श्रम मंत्रालय का स्पष्ट संदेश: “आपका पैसा, आपका हक।”
















