हरियाणा सरकार ने चिराग योजना के जरिए प्राइवेट स्कूलों में दाखिले को और ज्यादा सुलभ बना दिया है। इस साल की खास बात यह है कि अब उन परिवारों के बच्चे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं, जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपये तक है। इससे पहले यह सीमा 1.8 लाख रुपये सालाना थी, जिससे काफी सीमित गरीब वर्ग ही लाभार्थी बन पाता था। अब नई घोषित सीमा से नए श्रेणी के मध्यम वर्ग वाले घरों के बच्चों को भी प्राइवेट स्कूलों में बिना फीस के एडमिशन का मौका मिला है।

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किसे मिलेगा लाभ?
चिराग योजना के तहत उन छात्रों को लाभ मिलता है, जो हरियाणा राज्य के निवासी हैं और वर्तमान में सरकारी या सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इच्छुक अभिभावक अपने बच्चों को कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक की कक्षा में प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये या उससे कम हो, और बच्चे के नाम आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (जहां लागू हो), ट्रांसफर सर्टिफिकेट और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज तैयार हों।
आवेदन की अंतिम तारीख और तरीका
2026–27 के शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया इस बार पूरी तरह ऑफलाइन चल रही है, यानी ऑनलाइन फॉर्म भरने की कोई औपचारिक सुविधा नहीं दी गई है। अभिभावकों को उस निजी स्कूल में जाकर निर्धारित आवेदन पत्र जमा करना होगा, जिसमें वे अपने बच्चे का दाखिला चाहते हैं। इसके लिए कोई अलग आवेदन शुल्क नहीं रखा गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लाभार्थी आसानी से योजना से जुड़ सकें। आवेदन की अंतिम तारीख 30 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है, जिसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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चयन और एडमिशन प्रक्रिया
आवेदन जमा होने के बाद पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली के आधार पर होगा। यह लॉटरी 1 से 5 अप्रैल 2026 के बीच निकाली जाएगी, जिसमें अभिभावकों की मौजूदगी में स्कूल‑स्तर पर नाम निकाले जाएंगे। इस प्रक्रिया में जिन छात्रों के नाम चुने जाएंगे, उनके लिए पहले चरण का एडमिशन 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच और दूसरे चरण का एडमिशन 16 से 30 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा, जिसमें रिक्त सीटों पर अतिरिक्त दाखिला दिया जाएगा। चयनित छात्रों की स्कूल फीस का भुगतान हरियाणा सरकार की ओर से सीधे स्कूल को दिया जाएगा, जिससे बच्चे बिना अतिरिक्त भुगतान के अगले सत्र तक पढ़ सकेंगे।
अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
इस योजना से लाभ उठाने के लिए अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे मॉर्च के अंतिम दिन का इंतजार न करें और जिस स्कूल में दाखिला चाहते हैं, वहां जल्द से जल्द आवेदन जमा करें। इसके साथ ही लिखित दस्तावेजों की अच्छी‑अच्छी कॉपी, फॉर्म और फोटो तैयार रखना जरूरी है, ताकि वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कोई देरी न हो। इस तरह चिराग योजना न सिर्फ गरीब और निम्न आय वाले परिवारों बल्कि अब उन मध्यम आय वाले घरों के लिए भी एक महत्वपूर्ण राहत बनकर सामने आई है, जो बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की चाहत रखते हैं।
















