
दिल्ली के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है। टाइटल जैसे “EWS कोटे की सीमा बढ़ने वाली?” वाली खबरें वायरल हो रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आरक्षण का प्रतिशत (10%) वही है। असल हलचल पात्रता की ‘आय सीमा’ बढ़ाने को लेकर है। दिल्ली सरकार ने हाल ही में निजी स्कूलों में दाखिले और अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए EWS आय सीमा को 5 लाख रुपये सालाना तक बढ़ा दिया। यह बदलाव दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की मंजूरी से संभव हुआ, जिससे मध्यम वर्ग के कई परिवार लाभान्वित होंगे।
दिल्ली में EWS आरक्षण RTE (राइट टू एजुकेशन) एक्ट के तहत निजी स्कूलों की 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित हैं, जिनमें EWS/DG कैटेगरी शामिल है। पहले स्कूल दाखिले के लिए आय सीमा 1-2.5 लाख थी, लेकिन दिसंबर 2024-जनवरी 2026 के बीच इसे 5 लाख कर दिया गया। इसी तरह, निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज (जैसे क्रिटिकल केयर) के लिए पुरानी सीमा 2.2 लाख से बढ़कर 5 लाख हो गई। दिल्ली हाईकोर्ट ने जनवरी 2026 में इसकी तारीफ की और प्रचार का निर्देश दिया।
Table of Contents
शैक्षणिक सत्र 2026-27 आवेदन प्रक्रिया शुरू
22 फरवरी 2026 से दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी, KG और क्लास-1 के लिए EWS/DG ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं। आखिरी तारीख 16 मार्च है। पात्रता: दिल्ली निवासी परिवार, वार्षिक आय 5 लाख से कम, आय प्रमाण-पत्र राजस्व विभाग से। इससे आवेदकों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन सीटें सीमित हैं – हर साल प्रतियोगिता तेज होती है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव फर्जी सर्टिफिकेट रोक सकता है, क्योंकि पुरानी कम सीमा से जरूरतमंद भी बाहर हो जाते थे।
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार
रेखा गुप्ता सरकार ने 2 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर EWS आय सीमा 5 लाख की। दिल्ली हाईकोर्ट (जस्टिस प्रतिभा एम सिंह व मनमीत अरोड़ा) ने 8 जनवरी को नोट किया। अब सरकारी व रियायती निजी अस्पतालों में ज्यादा लोग मुफ्त इलाज पा सकेंगे। सरकार को प्रचार करने को कहा गया, ताकि जागरूकता बढ़े।
कोटे की स्थिति स्पष्ट तुलना
| श्रेणी | वर्तमान स्थिति | हालिया बदलाव |
|---|---|---|
| आरक्षण प्रतिशत | 10% (नौकरी/शिक्षा) | कोई बदलाव नहीं |
| स्कूल दाखिला आय सीमा | ₹5 लाख/वर्ष | ₹1-2.5 लाख से बढ़ी |
| अस्पताल इलाज आय सीमा | ₹5 लाख/वर्ष | ₹2.2 लाख से बढ़ी |
महा-धरना व अन्य मांगें
राजस्थान व अन्य राज्यों में EWS कोटे को 10% से 20% करने की मांग पर प्रदर्शन हुए, लेकिन दिल्ली में ऐसा कोई आंदोलन नहीं। केंद्र सरकार ने 50% आरक्षण सीमा को “थंब रूल” बताया, लेकिन EWS पर फोकस आय पात्रता पर। UGC 2026 गाइडलाइंस में भी 10% ही।
प्रभाव व सलाह
यह बदलाव 20-30% ज्यादा परिवारों को कवर करेगा, खासकर 3-5 लाख आय वाले। लेकिन दाखिले में ड्रॉ लॉटरी से चयन होगा। अधिक जानकारी के लिए edudel.nic.in या स्वास्थ्य विभाग साइट चेकें। सरकार की यह पहल समावेशी विकास की दिशा में सकारात्मक है, लेकिन कोटा प्रतिशत पर बहस जारी रहेगी।
















