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Gold Rate Alert: सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! 10 ग्राम सोना ₹1.50 लाख के करीब; निवेशकों में मची हलचल।

इन्वेस्टर्स में मची हलचल! जानें क्यों अचानक बढ़ा सोने का दाम, कौन से निवेशक इससे फायदा उठा सकते हैं और भविष्य में क्या संभावनाएँ हैं। यह खबर हर फाइनेंस और गोल्ड निवेशक के लिए बेहद जरूरी है।

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Gold Rate Alert: सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! 10 ग्राम सोना ₹1.50 लाख के करीब; निवेशकों में मची हलचल।
Gold Rate Alert: सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! 10 ग्राम सोना ₹1.50 लाख के करीब; निवेशकों में मची हलचल।

भारतीय सोना-चांदी बाजार में एक बार फिर इतिहास रचने वाला दिन रहा। शुक्रवार को MCX पर 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹1.50 लाख के स्तर तक पहुंच गई, जबकि चांदी ने भी रिकॉर्ड ऊँचाइयाँ पार कीं। इस अचानक आई तेजी ने निवेशकों के बीच उत्साह के साथ-साथ हलचल भी पैदा कर दी है।

रिकॉर्ड तोड़ती कीमतें

विकासशील और परिपक्व दोनों तरह के निवेशकों के लिए यह खबर चौंकाने वाली है। शुरुआती कारोबारी सत्र में सोने ने ₹1.53 लाख/10 ग्राम का स्तर भी छू लिया। चांदी ने भी जबरदस्त रैली दिखाई और दिन के सबसे निचले स्तर से उबरकर सुपर रैली की। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी केवल घरेलू मांग नहीं, बल्कि वैश्विक संकेतों और आर्थिक अनिश्चितताओं का भी परिणाम है।

कीमतों के पीछे का कारण

सोने और चांदी के रेट बढ़ने के कई कारण हैं:

  1. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: विदेशी बाजारों में अस्थिरता और मुद्रास्फीति की चिंताएं निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर खींच रही हैं।
  2. डॉलर और ब्याज दरें: डॉलर की कमजोरी और संभावित ब्याज दरों में कटौती के संकेत सोने को आकर्षक विकल्प बना रहे हैं।
  3. घरेलू निवेशक भावना: भारतीय निवेशक पारंपरिक रूप से सोने को “सुरक्षा की ढाल” मानते हैं। बढ़ती कीमतों के बीच भी निवेशक इसे प्राथमिकता दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी की यह तेजी महामारी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती प्रवृत्ति का प्रतिबिंब है।

निवेशकों पर असर

  • जो पहले निवेश कर चुके हैं: उन्हें अच्छा लाभ मिल सकता है।
  • जो अभी निवेश करना चाहते हैं: विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। अचानक आई तेजी के साथ उतार-चढ़ाव की संभावना भी बढ़ जाती है।

बाज़ार के अनुभवी ट्रेडर रमेश अग्रवाल कहते हैं, “सोने-चांदी का यह रैली पैटर्न लंबी अवधि के लिए निवेशकों को आकर्षित कर सकता है, लेकिन छोटी अवधि में कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों हो सकती हैं। इसलिए रणनीति बनाकर ही निवेश करना चाहिए।”

आगे का रुख

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर अनिश्चितता बनी रहती है और डॉलर कमजोर रहता है, तो सोने-चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, कोई बड़ा आर्थिक सुधार या वैश्विक स्थिरता आए तो रिटर्न जल्दी स्थिर हो सकते हैं। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे सुरक्षित रणनीति है बाज़ार की नज़र रखें और त्वरित भाव पर प्रतिक्रिया देने से बचें।

Gold Rate Alert

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