
हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के लिए एक धांसू खबर है। शिक्षा सत्र 2025-26 से पहली बार दो वार्षिक परीक्षाओं का मौका मिलेगा। सोचो जरा, पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी और अगर मन न लगे या कुछ सब्जेक्ट्स में कमजोरी रह जाए, तो जून-जुलाई में दूसरी परीक्षा देकर अपना भविष्य संवार लो।
ये बदलाव हरियाणा स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने लाया है, जो बच्चों को ज्यादा चांस देगा परफॉर्म करने के। बोर्ड ने 28 जनवरी को सर्कुलर जारी किया, जिसमें सारी डिटेल्स क्लियर कर दी गईं। ये स्टेप बच्चों के तनाव को कम करेगा और लर्निंग को मजबूत बनाएगा।
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कौन दे सकेगा दूसरी परीक्षा?
दोस्तों, ये दो परीक्षाएं कोई सबके लिए फ्री पास नहीं। दूसरी वार्षिक परीक्षा सिर्फ उन रेगुलर स्टूडेंट्स को मिलेगी जो रोज स्कूल जाते हैं। ऊपर से, पहली परीक्षा में बैठना जरूरी है। अगर तुम पहली में बैठे हो, तो ही दूसरी का टिकट कटेगा। लेकिन अगर कोई इमरजेंसी हो – जैसे गंभीर बीमारी, चोट लग जाए या खेल-कल्चरल इवेंट में हिस्सा लेना पड़े – तो बोर्ड थोड़ी राहत देगा। फीस भर दो, और दूसरी परीक्षा में बैठ जाओ। बोर्ड वाले साफ कहते हैं, अपरिहार्य कारण साबित करने पड़ेंगे। ये नियम इसलिए हैं ताकि सिर्फ जरूरतमंद ही फायदा उठा सकें, बाकी सब डिसिप्लिन में रहें।
फेलर्स-कंपार्टमेंट वालों के लिए क्या होगा?
अब बात करते हैं उन स्टूडेंट्स की जो पहली परीक्षा में फेल हो जाते हैं या कंपार्टमेंट में चले जाते हैं। अच्छी खबर ये कि दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम एक सब्जेक्ट में पास होना चाहिए पहली में। चाहे फेल हो, कंपार्टमेंट हो या मार्क्स इम्प्रूव करने हों, ये चांस मिलेगा। दोनों परीक्षाओं को एक ही माना जाएगा, यानी बेस्ट रिजल्ट काउंट होगा।
रजिस्ट्रेशन पहली परीक्षा खत्म होने के एक हफ्ते बाद शुरू हो जाएगा, और रिजल्ट आने पर 3-5 दिन पोर्टल खुलेगा। जुलाई वाली पुरानी कंपार्टमेंट परीक्षा? सर्कुलर में कुछ कन्फ्यूजन था, लेकिन बोर्ड चेयरमैन पवन कुमार ने क्लियर किया – वो अभी चलेगी। बस, नई सिस्टम के साथ ये दो परीक्षाएं चलेंगी। स्टूडेंट्स रिलैक्स हो जाओ!
नकल पर सख्ती
भाई, नकल का जमाना गया! बोर्ड ने साफ चेतावनी दी है – नकल पकड़े गए तो दूसरी परीक्षा में एंट्री वन्वा। लेकिन अगर पूरा पेपर रद्द हो जाता है, तो चिंता मत करो, दूसरी परीक्षा में बैठ जाओगे। ये बदलाव चीटिंग रोकने के लिए हैं, ताकि मेहनती बच्चों का हक न छिन जाए। बोर्ड चाहता है कि परीक्षा सिस्टम फेयर बने। थोड़ा डर लगेगा नकल करने वालों को, लेकिन अच्छे स्टूडेंट्स के लिए ये बूस्टर है।
ये बदलाव क्यों हैं गेम-चेंजर?
देखो यार, साल में दो परीक्षाएं देने से प्रेशर कम होगा। पहली में गलती हो गई, तो सुधार लो दूसरी में। खासकर हरियाणा जैसे स्टेट में जहां लाखों बच्चे बोर्ड एग्जाम देते हैं, ये स्टेप क्रांतिकारी है। पैरेंट्स खुश, टीचर्स रिलीव्ड और बच्चे कॉन्फिडेंट। बोर्ड चेयरमैन ने खुद कहा, इसी सेशन से ये शुरू हो रहा है। जुलाई 2026 वाली कंपार्टमेंट एग्जाम पर कन्फ्यूजन क्लियर हो गया – वो अलग चलेगी। कुल मिलाकर, ये सिस्टम बच्चों को ज्यादा ऑप्शन्स देगा, लेकिन रूल्स फॉलो करने पड़ेंगे।
स्टूडेंट्स, अब क्या करें?
तो दोस्तों, तैयारी शुरू कर दो! पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में है, उसके बाद रजिस्ट्रेशन चेक करते रहना। अगर कोई प्रॉब्लम हो, तो स्कूल या बोर्ड की वेबसाइट देख लो। ये बदलाव हरियाणा के एजुकेशन को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएगा। लाखों फैमिलीज को फायदा होगा। क्या पता, तुम्हारा बच्चा या भाई-बहन टॉप कर जाए दूसरी परीक्षा में। शेयर करो ये न्यूज, और अलर्ट रहो अपडेट्स के लिए। हरियाणा बोर्ड ने दिल जीत लिया!












