
उत्तर प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है, अगर आप भी पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की ₹2000 वाली अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो अब आपको अपनी ‘फार्मर आईडी’ (Farmer Registry) बनवाना अनिवार्य होगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार ने कृषि योजनाओं में पारदर्शिता लाने और पात्र किसानों तक सीधा लाभ पहुँचाने के लिए यह नया नियम लागू कर दिया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि भविष्य में पीएम किसान योजना, खाद-बीज पर सब्सिडी और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास यह विशिष्ट पहचान पत्र (Farmer ID) होगा।
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क्यों जरूरी है ‘फार्मर आईडी’?
- रुकी हुई किस्तें: जिन किसानों की किस्तें तकनीकी कारणों से रुकी हुई हैं, उन्हें अपनी आईडी अपडेट करानी होगी।
- सब्सिडी का लाभ: आगामी 1 जून 2026 से सोसायटियों से मिलने वाली खाद और उन्नत बीजों के लिए भी इस आईडी को आधार बनाया जा सकता है।
- वन-स्टॉप समाधान: इस एक आईडी के जरिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ एक ही जगह से मिल सकेगा।
घर बैठे ऐसे करें आवेदन (Step-by-Step Guide)
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल कर दिया है आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन कर अपना पंजीकरण कर सकते हैं:
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल upfr.agristack.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर ‘Farmer’ सेक्शन में जाकर ‘Create New User Account’ पर क्लिक करें।

- अपना आधार नंबर दर्ज करें।

- आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, जिसे भरकर सत्यापन (Verify) करें।

- अब आपका अकाउंट क्रिएट हो गया अब OK के ऑप्शन पर क्लिक करें।

- अब Farmer के सेक्शन में क्लिक करें, और अपना मोबाइल नंबर और सेट किया पासवर्ड दर्ज करें और लॉगिन करें।

- अब अपनी खतौनी के अनुसार जमीन का विवरण (गाटा/खसरा संख्या) दर्ज करें।

- अंत में ‘E-Sign’ की प्रक्रिया पूरी कर फॉर्म सबमिट कर दें इसके बाद आपको एक डिजिटल फार्मर आईडी जारी कर दी जाएगी।

इन दस्तावेजों को रखें तैयार
आवेदन के लिए किसान के पास आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक), बैंक पासबुक और अपनी जमीन के दस्तावेज (खतौनी) होना अनिवार्य है, यदि आपको ऑनलाइन आवेदन में समस्या आ रही है, तो आप अपने क्षेत्र के लेखपाल, कृषि विभाग के कार्यालय या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) की मदद भी ले सकते हैं।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 1 मई 2026 तक प्रदेश के सभी पात्र किसानों का डेटा इस डिजिटल रजिस्ट्री में शामिल कर लिया जाए।
















