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इग्नू के छात्रों के लिए खतरे की घंटी! क्या बेकार हो जाएगी आपकी डिग्री? UGC NET और JRF पात्रता पर आया नया ‘सख्त’ नियम

इग्नू छात्र सावधान! UGC के नए नियमों से हेल्थकेयर कोर्स की डिस्टेंस डिग्री अमान्य हो सकती है। MA साइकोलॉजी जैसे कोर्स प्रभावित, NET-JRF पात्रता खतरे में। 17,000 छात्र चिंतित, करियर पर असर। तुरंत जांचें!

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इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) के हजारों छात्रों के सपनों पर अब काला बादल छा गया है। यूजीसी के ताजा दिशानिर्देशों ने खासकर स्वास्थ्य और संबद्ध पाठ्यक्रमों की डिस्टेंस डिग्रियों को मान्यता से बाहर कर दिया है। नतीजा यह है कि UGC-NET और JRF जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए पात्रता खतरे में पड़ गई है।

इग्नू के छात्रों के लिए खतरे की घंटी! क्या बेकार हो जाएगी आपकी डिग्री? UGC NET और JRF पात्रता पर आया नया 'सख्त' नियम

नए नियमों का असर

हेल्थकेयर क्षेत्र के कोर्स जैसे एमए साइकोलॉजी (क्लिनिकल शाखा) में व्यावहारिक प्रशिक्षण अनिवार्य होता है। डिस्टेंस शिक्षा में इसकी कमी के कारण राष्ट्रीय आयोग ने इन्हें केवल नियमित मोड के लिए मान्य घोषित किया है। पिछले वर्ष करीब 17 हजार छात्रों ने ऐसे पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया था। अब उनकी मेहनत व्यर्थ जाने का डर है। नौकरी और उच्च शिक्षा के द्वार भी बंद हो सकते हैं।

प्रभावित छात्र कौन?

मुख्य रूप से वे छात्र चिंतित हैं जिन्होंने स्वास्थ्य विज्ञान या एलाइड प्रोफेशनल कोर्स चुने। ओपन यूनिवर्सिटी की सुविधा ने कामकाजी लोगों को उच्च शिक्षा का मौका दिया था। लेकिन व्यावहारिकता की कमी ने इसे जटिल बना दिया। सामान्य एमए या अन्य गैर-स्वास्थ्य कोर्स अभी सुरक्षित हैं। फिर भी विशिष्ट मामलों में सावधानी बरतनी होगी।

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पात्रता के मानदंड

UGC-NET के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों वाली स्नातकोत्तर डिग्री जरूरी है। जेआरएफ में 30 वर्ष की आयु सीमा लागू है जिसमें आरक्षित वर्गों को छूट मिलती है। इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वालों को कुछ विशेष छूट भी है। लेकिन अमान्य डिग्री वाले छात्रों को आवेदन से ही रोक दिया जाएगा। सहायक प्रोफेसर पदों पर भर्ती प्रभावित हो सकती है।

छात्रों की चिंता बढ़ी

दिल्ली के छात्र संगठनों में आक्रोश फैल गया है। एक छात्र नेता ने कहा कि फीस देकर सालों की मेहनत बर्बाद नहीं होनी चाहिए। प्रशासन से स्पष्ट निर्देश की मांग तेज हो गई है। IGNOU की वेबसाइट पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। प्रभावित विद्यार्थी दाखिला रद्द कराने या नियमित कोर्स में स्थानांतरित होने पर विचार कर रहे हैं।

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