भारतीय सेना और भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो अग्निवीरों और रिटायर्ड सैनिकों के लिए रेलवे की नौकरियों के द्वार खोल देगा। इस नए फ्रेमवर्क के तहत चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को सीधी भर्ती का मौका मिलेगा। यह कदम लाखों युवाओं को सशक्त बनाएगा, जो देश सेवा के बाद स्थिर करियर की उम्मीद लगाए हैं।

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समझौते की मुख्य बातें
यह करार अग्निपथ योजना को नई गति देगा। योजना के तहत 17 से 23 साल के युवा चार साल सेवा देते हैं, जिसमें से केवल एक चौथाई को स्थायी नौकरी मिलती है। बाकी युवा अब रेलवे में आसानी से जगह बना सकेंगे। गैर-राजपत्रित पदों पर खास छूट दी गई है। लेवल 1 के ग्रुप जैसे पॉइंट्समैन और ट्रैकमैन के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित है। लेवल 2 या इससे ऊपर के पदों पर 5 प्रतिशत कोटा होगा।
आयु और शारीरिक मानदंडों में बड़ी राहत
सबसे बड़ी सुविधा आयु सीमा में छूट है। पहले बैच के अग्निवीरों को 5 साल की अतिरिक्त छूट मिलेगी। उसके बाद वाले बैचों को 3 साल की ढील दी जाएगी। शारीरिक परीक्षा में भी विशेष प्रावधान हैं, क्योंकि ये युवा पहले से ही कठिन सैन्य ट्रेनिंग से गुजर चुके होते हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया तेज और सरल हो जाएगी। रेलवे भर्ती की पूरी जानकारी, ट्रेनिंग और काउंसलिंग भी मुहैया कराएगा।
स्किल सर्टिफिकेट से मिलेगा अतिरिक्त लाभ
रिटायरमेंट पर अग्निवीरों को स्किल प्रमाणपत्र मिलेगा, जो न सिर्फ रेलवे बल्कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, डाक विभाग और अन्य सरकारी क्षेत्रों में मान्य होगा। सेवा के दौरान जमा होने वाली निधि के साथ यह प्रमाणपत्र आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। युवा उद्यमिता, उच्च शिक्षा या निजी क्षेत्र की नौकरियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे। 2023 से शुरू पहले बैच के रिटायर्ड अग्निवीर सबसे पहले लाभान्वित होंगे।
पृष्ठभूमि और भविष्य की संभावनाएं
2023 से रेलवे अग्निवीरों के लिए आरक्षण की बात कर रहा था, लेकिन यह नया ढांचा अधिक व्यापक है। डिजिटल प्लेटफॉर्म से आवेदन आसान होगा। सेना को युवा और तकनीक प्रेमी जवान मिलेंगे, जबकि रेलवे को अनुशासित कर्मचारी। आलोचकों का कहना था कि छोटी सेवा अवधि चुनौतीपूर्ण है, पर अब पूर्व सैनिकों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पंजाब जैसे राज्यों में जहां सेना भर्ती का जुनून है, वहां यह खबर युवाओं को नई प्रेरणा देगी।
राष्ट्र निर्माण में नया अध्याय
यह समझौता बेरोजगारी के खिलाफ लड़ाई में बड़ा कदम है। अनुमान है कि आने वाले सालों में एक लाख से ज्यादा अग्निवीर विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी पा लेंगे। सैन्य अनुभव सिविल क्षेत्र में उपयोगी साबित होगा। युवा अब बिना चिंता के सेवा दे सकेंगे, क्योंकि उनका भविष्य सुरक्षित है। यह करार देश के राष्ट्र निर्माण को नई दिशा देगा।
















