
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘माझी लाडकी बहीण योजना’ को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी न करने के कारण राज्यभर में लगभग 68 लाख महिला लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए गए हैं, इस बड़े फैसले के बाद उन महिलाओं में हड़कंप मच गया है जिनकी किस्तें रुक गई हैं।
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क्यों बंद हुए 68 लाख खाते?
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत पंजीकृत कुल 2.43 करोड़ महिलाओं में से केवल 1.75 करोड़ महिलाओं ने ही अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया समय पर पूरी की थी। 31 मार्च की डेडलाइन खत्म होने के बाद, जिन महिलाओं का सत्यापन (Verification) लंबित था, उनके खातों को फिलहाल ‘निष्क्रिय’ (Deactivate) कर दिया गया है।
सरकार ने दी बड़ी राहत: अब 30 अप्रैल तक मौका
बड़ी संख्या में खाते बंद होने के बाद सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। अब लाभार्थी महिलाएँ 30 अप्रैल 2026 तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही ई-केवाईसी सफल होगा, रुकी हुई किस्तों का भुगतान फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
पिछला बकाया और बोनस मिलने की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, जिन महिलाओं की किस्तें दिसंबर 2025 से रुकी हुई हैं, उन्हें ई-केवाईसी अपडेट होते ही ₹6000 तक का पिछला बकाया (एरियर) एक साथ मिल सकता है। सरकार की योजना है कि 15 अप्रैल 2026 से पहले पात्र महिलाओं के खातों में अगली किस्त और बोनस राशि जमा कर दी जाए।
कैसे करें तुरंत e-KYC? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
अगर आपका नाम भी इन 68 लाख लाभार्थियों में शामिल है, तो अगली किस्त पाने के लिए तुरंत ये कदम उठाएं:
- नारी शक्ति दूत ऐप: अपने मोबाइल पर ऐप डाउनलोड करें और आधार कार्ड के जरिए ओटीपी (OTP) या बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करें।
- आधिकारिक पोर्टल: लाडकी बहीण योजना की वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें और केवाईसी अपडेट करें।
- नजदीकी केंद्र: यदि ऑनलाइन समस्या आ रही है, तो तुरंत अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र, सेतू केंद्र (CSC) या ग्राम पंचायत कार्यालय में संपर्क करें।
- बैंक खाता और DBT: यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और Direct Benefit Transfer (DBT) की सुविधा सक्रिय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार मोबाइल नंबर आधार से लिंक न होने के कारण ई-केवाईसी फेल हो जाता है, अतः सबसे पहले अपने आधार विवरण को अपडेट रखें ताकि सरकारी लाभ सीधे आपके खाते में पहुंच सके।
















