
भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में एक ऐसा राज्य भी है जिसकी आबादी दिल्ली के एक छोटे से मोहल्ले जितनी है? अक्सर लोग क्षेत्रफल और जनसंख्या के बीच भ्रमित हो जाते हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में भी गलतियां होती हैं।
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नंबर 1 पर है सिक्किम
2011 की जनगणना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सिक्किम भारत का सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य है। उस वक्त यहाँ की कुल आबादी मात्र 6.11 लाख थी, साल 2025 के नवीनतम अनुमानों की मानें तो यह आंकड़ा अब बढ़कर लगभग 7.03 लाख के आसपास पहुँच गया है, जो अभी भी अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम है।
दूसरा नाम है बेहद हैरान करने वाला
कम आबादी की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पूर्वोत्तर भारत का ही एक और खूबसूरत राज्य मिजोरम (Mizoram) है। 2011 में मिजोरम की जनसंख्या लगभग 10.91 लाख दर्ज की गई थी। अक्सर लोग यहाँ गोवा या मणिपुर का नाम गेस करते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि मिजोरम इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर काबिज है।
कम आबादी वाले टॉप 3 राज्य (2011 जनगणना)
- सिक्किम: ~6.11 लाख
- मिजोरम: ~10.91 लाख
- अरुणाचल प्रदेश: ~13.84 लाख
लक्षद्वीप का अनोखा रिकॉर्ड
यदि हम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को मिला दें, तो लक्षद्वीप सबसे कम आबादी वाला क्षेत्र बनकर उभरता है, यहाँ की कुल जनसंख्या मात्र 64,473 (2011 जनगणना) है।
जनसंख्या घनत्व में अरुणाचल पीछे
दिलचस्प बात यह है कि सिक्किम आबादी में सबसे छोटा है, लेकिन ‘जनसंख्या घनत्व’ (प्रति वर्ग किलोमीटर रहने वाले लोग) के मामले में अरुणाचल प्रदेश सबसे पीछे है, यहाँ प्रति वर्ग किमी केवल 17 लोग ही रहते हैं।
















