बिजली कटौती भरी गर्मियों में घरों को ठंडक और खेतों को पानी पहुंचाने का जुगाड़ ढूंढना हर परिवार की मजबूरी बन गया है। ऐसे में माइक्रोटेक का 2.5kVA हाइब्रिड सोलर इन्वर्टर उभरकर सामने आया है, जो 1.5 टन एयर कंडीशनर और 1HP पानी की मोटर को एक साथ चला सकता है। यह उपकरण न केवल बिजली बिल घटाता है, बल्कि दिन भर सोलर ऊर्जा से स्वतंत्रता भी देता है। पंजाब के किसान और शहरी घरों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

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तकनीकी ताकत और लोड हैंडलिंग
यह 24 वोल्ट सिस्टम वाला इन्वर्टर करीब 2 किलोवाट तक का वास्तविक लोड सहन करता है। 1.5 टन का इन्वर्टर एसी, जो शुरू में 1.5 से 1.8 किलोवाट तक बिजली खींचता है, इसे आसानी से चला लेता है। इसी तरह 1HP की पानी मोटर, जो 750 वाट से 1 किलोवाट लेती है, भी बिना रुके काम करती रहती है। वास्तविक परीक्षणों में देखा गया कि दोनों उपकरण एक साथ चलने पर भी वोल्टेज स्थिर रहता है। हालांकि कुल लोड 2.2 किलोवाट से अधिक होने पर सतर्कता बरतनी पड़ती है, ताकि ओवरलोड न हो। दो 200Ah बैटरी लगाने पर रात के समय 1.5 से 2 घंटे का बैकअप मिल जाता है।
सोलर एकीकरण का लाभ
दिन के उजाले में 500 वाट या अधिक क्षमता वाले दो सोलर पैनल जोड़ें तो एसी और मोटर पूरी तरह मुफ्त चलते हैं। सोलर पीसीयू तकनीक बिजली ग्रिड, बैटरी और सोलर को बुद्धिमानी से संतुलित करती है। गर्मियों में जब बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है, तब यह सिस्टम 80 प्रतिशत ऊर्जा सूरज से ही ले लेता है। किसानों के लिए यह वरदान है, क्योंकि पानी की मोटरें घंटों चलती रहती हैं बिना बिजली बिल के चिंता के।
2026 की किफायती कीमतें
अभी बाजार में इसकी कीमत 18,000 से 25,000 रुपये के बीच है। एमआरपी 22,000 से 27,000 रुपये रखी गई है, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर छूट मिलने से 20,000 रुपये तक सस्ता पड़ जाता है। एमपीपीटी वाले सोलर मॉडल में थोड़ी अधिक कीमत आती है, जो चार्जिंग दक्षता बेहतर बनाता है। पंजाब सरकार की सोलर सब्सिडी योजनाओं से इसे और सस्ता खरीद सकते हैं। लोकल डीलरों का कहना है कि बिक्री पिछले साल से 30 प्रतिशत ऊपर चढ़ गई है।
वास्तविक उपयोग की रिपोर्ट
व्यावहारिक परीक्षण बताते हैं कि एसी चलाते हुए मोटर चालू करने पर कोई झटका नहीं लगता। लाइट्स और पंखे जोड़ने पर भी सिस्टम संभल जाता है। कमी यह है कि स्टार्टअप में भारी लोड होने पर एसी को अलग चलाना उचित रहता है। बैटरी की उम्र 3 से 5 साल तक ठीक रहती है, यदि रखरखाव सही हो। कुल मिलाकर, 4 से 6 किलोवाट सोलर सिस्टम के साथ यह घरेलू जरूरतों को पूरा करने का मजबूत साथी साबित होता है।
भविष्य की सोलर क्रांति
यह इन्वर्टर बिजली संकट से जूझते भारत के लिए एक कदम आगे है। मध्यम वर्ग के लिए सस्ता और विश्वसनीय, यह सोलर ऊर्जा को मुख्यधारा में ला रहा है। अगर आप गर्मी और पानी की दोहरी समस्या से त्रस्त हैं, तो यह समय सोलर की ओर कदम बढ़ाने का है।
















