
गुजरात सरकार ने राज्य की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए एक बड़ी सौगात पेश की है ‘नमो श्री योजना’ के तहत अब पात्र महिलाओं को कुल ₹12,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना और सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहित करना है।
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किस्तों में मिलेगी सहायता राशि
यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों (PMMVY और JSY) का हिस्सा है। ₹12,000 की कुल राशि लाभार्थी महिला को विभिन्न चरणों में दी जाती है:
- पंजीकरण के समय: ₹5,000 की पहली किस्त (₹2,000 राज्य + ₹3,000 केंद्र)।
- 6 महीने बाद: गर्भावस्था के छह माह पूर्ण होने पर ₹2,000 की दूसरी किस्त।
- प्रसव के बाद: अस्पताल में सुरक्षित प्रसव होने पर ₹3,000 की तीसरी किस्त।
- टीकाकरण: बच्चे के 14 सप्ताह के टीकाकरण चक्र के बाद ₹2,000 की अंतिम किस्त।
किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता मापदंड)
योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ मानक तय किए हैं:
- आवेदक महिला गुजरात की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए।
- SC/ST वर्ग, NFSA कार्ड धारक, आयुष्मान कार्ड (PM-JAY) लाभार्थी, BPL परिवार और ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं इसके लिए पात्र हैं।
- सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में प्रसव (Institutional Delivery) कराना अनिवार्य है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं के पास निम्नलिखित कागजात होने आवश्यक हैं:
- आधार कार्ड और मोबाइल नंबर।
- बैंक पासबुक (ताकि राशि सीधे DBT के जरिए भेजी जा सके)।
- ममता कार्ड (गर्भावस्था पंजीकरण का प्रमाण)।
- प्रसव प्रमाण पत्र (अस्पताल द्वारा जारी)।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकती हैं इसके अलावा, क्षेत्र की आशा (ASHA) या एएनएम (ANM) कार्यकर्ता से संपर्क कर आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है सरकार के TeCHO+ पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित कर दी जाती है।
















