
देश में बढ़ते डिजिटल लेनदेन और ई-कॉमर्स के विस्तार के बीच उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है, उपभोक्ता मंत्रालय (Department of Consumer Affairs) ने ‘न्यू कंज्यूमर राइट्स 2026’ के तहत नई गाइडलाइंस और अत्याधुनिक तंत्र पेश किया है, अब ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी का शिकार होने वाले ग्राहकों को महीनों इंतज़ार नहीं करना होगा; नई व्यवस्था के तहत शिकायतों पर 24 घंटे के भीतर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
Table of Contents
शिकायतों के लिए ‘सुपरफास्ट’ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
मंत्रालय ने शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए ‘ई-जागृति’ (E-Jagriti) पोर्टल को और अधिक सशक्त बनाया है, इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी शिकायतें सीधे दर्ज कर सकते हैं, जिस पर एआई (AI) आधारित सिस्टम तुरंत एक्शन लेगा।
मंत्रालय द्वारा जारी महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र
- नया हेल्पलाइन नंबर: उपभोक्ता अपनी शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1915 पर कॉल कर सकते हैं।
- WhatsApp सेवा: अब 8800001915 पर मैसेज भेजकर भी रियल-टाइम शिकायत दर्ज करना संभव होगा।
- आधिकारिक पोर्टल: शिकायतों के लिए National Consumer Helpline का उपयोग करें।
2026 के नए नियमों की मुख्य विशेषताएं
- त्वरित सुनवाई: फ्रॉड की सूचना मिलने पर संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को 24 घंटे के भीतर जवाबदेही तय करनी होगी।
- 17 भाषाओं में सपोर्ट: भाषाई बाधा को दूर करने के लिए हेल्पलाइन अब 17 क्षेत्रीय भाषाओं में सेवा प्रदान कर रही है।
- डार्क पैटर्न्स पर पाबंदी: कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले भ्रामक इंटरफेस (Dark Patterns) और छिपे हुए शुल्कों पर मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है।
- हाइब्रिड सुनवाई: उपभोक्ता अदालतों में अब फिजिकल के साथ-साथ ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई को अनिवार्य कर दिया गया है।
उपभोक्ता मंत्रालय की सलाह
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन या गलत सामान मिलने पर तुरंत आधिकारिक पोर्टल या UMANG ऐप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करें। सरकार का लक्ष्य 2026 तक भारत को उपभोक्ता अधिकारों के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ वाला देश बनाना है।
















