भारत सरकार ने बजट 2026 में आयकर प्रणाली को सरल और आकर्षक बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से अमल में आएंगे। नई डिफॉल्ट व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की कर योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह कदम मध्यम वर्ग के वेतनभोगियों के लिए खुशी की खबर है, जबकि निवेशकों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पुरानी जटिल प्रणाली के स्थान पर नया कानून लाया गया है, जिसमें धाराओं की संख्या काफी कम कर दी गई है।

Table of Contents
सरलीकृत टैक्स स्लैब
नई स्लैब संरचना इस प्रकार है। शून्य से चार लाख तक की आय पर कोई कर नहीं। चार से आठ लाख पर पांच प्रतिशत, आठ से 12 लाख पर दस प्रतिशत। उसके बाद 12 से 16 लाख पर 15 प्रतिशत, 16 से 20 लाख पर 20 प्रतिशत, 20 से 24 लाख पर 25 प्रतिशत और 24 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत। विशेष छूट के तहत 12 लाख तक पूर्ण रिबेट मिलेगा, जिससे वास्तविक टैक्स शून्य हो जाएगा। मानक कटौती को 75,000 रुपये कर दिया गया है। इससे कुल 12.75 लाख रुपये सालाना कमाने वाले व्यक्ति के लिए टैक्स फ्री स्थिति बन सकती है।
वेतनभोगियों को लाभ
मध्यम आय वर्ग को इससे मासिक हजारों रुपये की बचत होगी। पहले जटिल कटौतियों और निवेश साधनों की भूलभुलैया में फंसने वाले लोग अब आसानी से अपनी कमाई का पूरा उपयोग कर सकेंगे। करदाता आसानी से रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। मूल्यांकन प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी। टीडीएस और टीसीएस नियमों को सरल बनाया गया है, लेकिन अनुपालन पर निगरानी बढ़ेगी। यह बदलाव अर्थव्यवस्था में उपभोग को बढ़ावा देगा और काला धन कम करेगा।
निवेशकों पर असर
दूसरी ओर, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों को नुकसान हो सकता है। लाभांश आय पर ब्याज खर्च की अनुमत कटौती बंद हो गई है। शेयरों के बायबैक को अब पूंजीगत लाभ माना जाएगा। पहले यह लाभांश कर के दायरे में आता था। वायदा और विकल्प व्यापार पर लेनदेन शुल्क बढ़ा दिया गया है। टीसीएस दरों में बदलाव से निवेश अधिक महंगे हो जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा निवेशकों की आय प्रभावित होगी।
लोगों की प्रतिक्रियाएं
दिल्ली के एक नौकरीपेशा ने कहा कि अब मेरी पूरी तनख्वाह हाथ में आएगी। वहीं एक निवेशक ने चिंता जताई कि रिटर्न घटने से जोखिम बढ़ेगा। सरकार का उद्देश्य राजस्व संतुलन बनाए रखना है। वेतनभोगी उत्साहित हैं, लेकिन निवेश क्षेत्र को नई रणनीति अपनानी पड़ेगी। करदाताओं को इन बदलावों को ध्यान से समझना चाहिए।
















