देशभर के ऐप-आधारित टैक्सी और बाइक टैक्सी ड्राइवरों ने 7 फरवरी 2026 को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नामक हड़ताल का ऐलान किया है। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) सहित कई संगठनों के नेतृत्व में Ola, Uber और Rapido के लाखों ड्राइवर सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक सड़कों से गायब रहेंगे। यह आंदोलन गिग इकोनॉमी के श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का परिणाम है। ड्राइवरों का कहना है कि कंपनियों की मनमानी नीतियों ने उनकी जिंदगी कठिन बना दी है।

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मुख्य मांगें क्या हैं?
ड्राइवर न्यूनतम बेस किराया तय करने, प्राइवेट गाड़ियों पर ऐप इस्तेमाल रोकने, पारदर्शी मजदूरी सिस्टम लागू करने और ID ब्लॉकिंग व भारी जुर्माने खत्म करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा सेफ्टी गियर, इंश्योरेंस और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं पर भी जोर है। किराया घटाने से उनकी दैनिक कमाई आधी रह गई है, जबकि ईंधन और रखरखाव का खर्च बढ़ता जा रहा है। पिछले हैदराबाद स्ट्राइक में 50,000 ड्राइवर उतरे थे, इस बार राष्ट्रीय स्तर पर असर और गहरा होगा।
बैंक हड़ताल से दोहरा संकट
इस हड़ताल के साथ ही 7 फरवरी को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। ATM से कैश निकासी, चेक क्लीयरिंग, लोन EMI और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सब ठप्प हो सकते हैं। परिवहन और वित्तीय सेवाओं का एक साथ चरमराना आम आदमी के लिए बड़ा झटका साबित होगा। खासकर महानगरों में जहां डिजिटल अर्थव्यवस्था पर निर्भरता अधिक है।
शहरों पर पड़ेगा गहरा असर
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई जैसे मेगा सिटी से लेकर छोटे शहरों तक कैब, बाइक टैक्सी और ऑटो सेवाएं सुबह से दोपहर तक बंद रहेंगी। ऑफिस जाने वाले, स्कूल-कॉलेज के बच्चे और मेडिकल इमरजेंसी वाले सबसे ज्यादा परेशान होंगे। ग्रामीण इलाकों में भी असर दिखेगा जहां वैकल्पिक साधन सीमित हैं। यात्री ऐप्स पर राइड्स तो दिखेंगी, लेकिन ड्राइवर न मिलने से कन्फर्मेशन नहीं होगा।
वैकल्पिक इंतजाम जरूरी
- सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो, DTC बसें और लोकल ट्रेनें पहले बुक करें।
- कारपूल ऐप्स जैसे BlaBlaCar या दोस्तों के साथ शेयर राइड का सहारा लें।
- छोटी दूरी के लिए ई-रिक्शा, साइकिल या पैदल चलें।
- बैंकिंग के लिए पहले से कैश रखें, UPI और डिजिटल वॉलेट रिचार्ज कर लें।
सरकार और कंपनियों की चुप्पी
सरकार पर मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 न लागू करने का आरोप लग रहा है। Ola, Uber, Rapido जैसी कंपनियां अभी आधिकारिक बयान देने से बच रही हैं। यदि मांगें जल्द न मानी गईं तो हड़ताल लंबी खिंच सकती है, जो गिग इकोनॉमी के पूरे ढांचे को हिला देगी। यात्रियों को 7 फरवरी से पहले ही प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए। यह आंदोलन श्रमिक अधिकारों की दिशा में नया मोड़ ला सकता है।
















