
दशहरा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों में रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों की लंबी-लंबी लाइनों ने हमेशा यात्रियों को परेशान किया है। घंटों खड़े रहने, धक्का-मुक्की और थकान का सामना करना आम हो गया था। लेकिन अब यह समस्या इतिहास बनने वाली है! उत्तर रेलवे (लखनऊ मंडल) ने m-UTS (मोबाइल अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम) नामक नई सुविधा शुरू कर दी है।
इस क्रांतिकारी व्यवस्था में रेलकर्मी प्लेटफॉर्म पर घूम-घूमकर टिकट काटेंगे, ठीक वैसे ही जैसे बस कंडक्टर या फेरीवाले सामान बेचते हैं। यात्रियों को काउंटर की चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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m-UTS तकनीक से लैस हल्की मोबाइल मशीन
भारतीय रेलवे ने m-UTS को विशेष रूप से अनारक्षित टिकटों के लिए डिजाइन किया है। यह एक हल्की, वायरलेस और पोर्टेबल मशीन है, जो रोडवेज बसों की टिकट काटने वाली डिवाइस से मिलती-जुलती है। सैटेलाइट कनेक्टिविटी से लैस यह डिवाइस रेलकर्मियों को प्लेटफॉर्म या ट्रेन के पास आसानी से घुमाने की सुविधा देती है। यात्री बस नाम, गंतव्य, कोच नंबर बताएं, तो मात्र दो मिनट में टिकट प्रिंट हो जाता है।
टिकट पर QR कोड होता है, जिसे टीटी (टिकट टिकट जांचक) आसानी से स्कैन कर लेते हैं। भुगतान कैश या UPI से हो सकता है, जिससे डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलता है। बारिश, धुंध या किसी भी मौसम में यह सुचारू रूप से काम करती है।
झांसी डिवीजन में ट्रायल सफल रहा, जहां ग्वालियर, ललितपुर जैसे स्टेशनों पर यात्रियों ने इसे सराहा। अब उत्तर रेलवे में विस्तार हो रहा है। त्योहारी सीजन में 3-6% डिस्काउंट भी मोबाइल ऐप बुकिंग पर उपलब्ध है, साथ ही रिफंड प्रक्रिया तेज। बुजुर्गों, महिलाओं और परिवारों के लिए यह वरदान साबित हो रही है।
चार प्रमुख स्टेशनों पर लॉन्च
उत्तर रेलवे ने पहले चरण में चारबाग, अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जंक्शन जैसे व्यस्त स्टेशनों को चुना है। चारबाग, अयोध्या और वाराणसी को 10-10 मशीनें, जबकि प्रयागराज को 5 मशीनें आवंटित की गई हैं। कुल 35 m-UTS मशीनों से सेवा शुरू हो चुकी है। रेलकर्मी प्लेटफॉर्म पर ‘टिकट-टिकट’ की आवाज लगाते घूमेंगे। यात्रियों को बस कर्मचारी ढूंढना है या आवाज देनी है। जल्द ही देशभर के 1000+ स्टेशनों पर विस्तार की योजना है।
यात्रियों के लिए बड़े फायदे
- भीड़ से राहत: लाइनों में घंटों इंतजार खत्म, खासकर रश आवर में।
- समय की बचत: 2 मिनट में टिकट, ट्रेन छूटने का डर नहीं।
- सुरक्षा: महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, धक्का-मुक्की से बचाव।
- डिस्काउंट बोनस: ऐप से बुकिंग पर छूट, पेपरलेस विकल्प।
- तेज रिफंड: कैंसिलेशन पर तुरंत पैसा वापस।
यह सुविधा रेलवे की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है, जो 2026 में और मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को फायदा होगा।
भविष्य की योजनाएं
रेल मंत्रालय ने घोषणा की है कि आने वाले महीनों में m-UTS को पूरे नेटवर्क पर लागू किया जाएगा। मोबाइल ऐप के साथ एकीकरण से बुकिंग और आसान हो जाएगी। यात्रियों से अपील है कि स्टेशन पहुंचकर इस सुविधा का लाभ लें। क्या यह सुविधा रेल यात्रा को बसों जितना सुगम बना देगी? समय बताएगा, लेकिन शुरुआत शानदार है!
















