भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को भारी उथल-पुथल के साथ खुलने की तैयारी में है। IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में सामने आए 590 करोड़ रुपये के घोटाले ने निवेशकों को हिलाकर रख दिया है। वहीं, वेदांता लिमिटेड की मजबूत फंड रेजिंग योजनाएं बाजार को थोड़ी हिम्मत दे रही हैं। सोमवार को IDFC का शेयर 20 प्रतिशत तक ढह गया, जबकि वेदांता के स्टॉक में स्थिरता नजर आई। जानकारों का अनुमान है कि कल सुबह बाजार खुलते ही IDFC में जबरदस्त बिकवाली का दौर चलेगा।

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IDFC फ्रॉड का पूरा मामला
यह घटना 18 फरवरी को तब उजागर हुई जब हरियाणा सरकार का एक विभाग चंडीगढ़ ब्रांच में अपना खाता बंद कराने पहुंचा। बैलेंस जांचने पर खुलासा हुआ कि खाते से 590 करोड़ रुपये का फर्क है। बैंक ने फौरन चार कर्मचारियों को निलंबित किया और आंतरिक जांच शुरू कर दी। पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई है तथा फॉरेंसिक ऑडिट चल रहा है। बैंक का दावा है कि यह घपला सिर्फ चुनिंदा सरकारी खातों तक सीमित है और बाकी ग्राहकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
फिर भी, निवेशकों का भरोसा डगमगा गया। सोमवार को स्टॉक की कीमत 66.85 रुपये तक गिर गई, जो पूरे साल के मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा खा सकता है। जांच में संदेह है कि ब्रांच के अधिकारियों ने फर्जी लेन-देन कर सरकारी फंड्स को इधर-उधर किया। साइबर धोखाधड़ी और आंतरिक साठगांठ की आशंका से मामला जटिल होता जा रहा है। डिजिटल बैंकिंग पर जोर देने वाले IDFC को अब नियामकों की कड़ी नजर का सामना करना पड़ सकता है। पिछले वर्ष की 15 प्रतिशत लाभ वृद्धि पर यह पानी फेर सकती है।
वेदांता की सकारात्मक चाल
बाजार की इस कमजोरी के बीच वेदांता ने राहत की सांस दी है। कंपनी ने विदेशी बैंकों से 350 मिलियन डॉलर यानी करीब 2900 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया। बोर्ड ने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर या अन्य रास्तों से 8500 करोड़ जुटाने का फैसला किया। तीसरी तिमाही में लाभ 60 प्रतिशत चढ़कर 7807 करोड़ रुपये हो गया। कुल कर्ज 2022 के मुकाबले आधा रह गया है। शेयर 678 रुपये पर कारोबार कर रहा है और विश्लेषकों ने 740-745 रुपये का लक्ष्य रखा है।
मेटल्स क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाली वेदांता को कॉपर व जिंक कारोबार से फायदा हो रहा है। डीमर्जर योजनाएं भी निवेशकों का उत्साह बनाए रख रही हैं। कल वेदांता में खरीदारी का दबाव दिख सकता है, जो बाजार को संभालने में मददगार होगा।
निवेशकों के लिए सलाह
कल 9:15 बजे बाजार खुलने पर IDFC पर दबाव बरकरार रहेगा, वहीं बैंकिंग इंडेक्स भी हिलेगा। वेदांता लंबी दौड़ के लिए बेहतर लग रही है। निवेशक मौलिक बातों पर गौर करें और जल्दबाजी से बचें। नियामक रिपोर्ट्स का इंतजार करें। यह वाकया बैंकिंग प्रणाली की कमियों को सामने लाता है, लेकिन वेदांता जैसी फर्में विकास की कहानी को जिंदा रखेंगी। सतर्क रहें, सही समय पर कदम उठाएं।
















