
उत्तर प्रदेश के रेल बुनियादी ढांचे में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है, पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना पर काम तेज हो गया है, लगभग 81.17 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के निर्माण से गोरखपुर, मऊ और आसपास के जिलों की सूरत बदलने वाली है।
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403 हेक्टेयर जमीन का हुआ अधिग्रहण
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और रेलवे ने मिलकर करीब 403 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, यह भूमि कुल 112 गांवों से ली गई है, जमीन मिलने के साथ ही अब ट्रैक बिछाने और स्टेशन निर्माण के सिविल वर्क ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रशासन का दावा है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने से परियोजना के समय पर पूरा होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
रूट मैप: इन 11 जगहों पर चमकेंगे नए स्टेशन
इस 81 किलोमीटर लंबे रूट पर कुल 11 नए स्टेशन और हॉल्ट बनाए जाएंगे, ये स्टेशन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, बल्कि क्षेत्र के व्यापारिक केंद्र के रूप में भी उभरेंगे। प्रस्तावित स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:
- पिपरौली
- खजनी
- उनवल
- बेदौली बाबू (हॉल्ट)
- बांसगांव
- उरवा बाजार
- बनवारपार
- गोला बाजार
- भरौली
- बड़हलगंज
- न्यू दोहरीघाट
सरयू पर बनेगा 1.2 KM लंबा भव्य पुल
इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण और तकनीकी हिस्सा सरयू नदी पर बनने वाला 1200 मीटर लंबा रेलवे पुल है, यह पुल बड़हलगंज और दोहरीघाट को जोड़ेगा, इसके अलावा, पूरे रूट पर कई छोटे-बड़े पुलों और अंडरपास का निर्माण भी किया जा रहा है।
तीन चरणों में पूरा होगा काम
रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को 2027-28 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है, पहले चरण में सहजनवा से बांसगांव (32.95 किमी) तक का कार्य प्राथमिकता पर है, इस नई रेल लाइन के शुरू होने से गोरखपुर से वाराणसी और प्रयागराज के बीच की दूरी कम होगी और दक्षिणांचल के हजारों यात्रियों को सीधे रेल सेवा का लाभ मिलेगा।
आर्थिक क्रांति की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि गोला, बांसगांव और बड़हलगंज जैसे कस्बों में रेलवे स्टेशन बनने से स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और रोजगार के अवसरों में भारी बढ़ोतरी होगी।
















