
उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने की तैयारी कर रहे बुजुर्गों के लिए बड़ी खबर है, प्रदेश सरकार ने पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब आधार कार्ड को आयु के प्रमाण (Age Proof) के तौर पर अमान्य घोषित कर दिया है, शासन के इस सख्त रुख के बाद अकेले अमरोहा जिले में ही करीब 2500 आवेदन रद्द कर दिए गए हैं, जिससे आवेदकों में हड़कंप मच गया है।
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1 अप्रैल से लागू हुआ नया नियम
समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 12 मार्च 2026 के शासनादेश को 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में कड़ाई से लागू कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब पेंशन पोर्टल पर आधार कार्ड की जन्मतिथि को पात्रता का आधार नहीं माना जाएगा। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों ने आयु प्रमाण के रूप में केवल आधार कार्ड लगाया था, उनके फॉर्म वापस (Revert) कर दिए गए हैं।
अब इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
पेंशन के लिए आवेदन करने वाले नए लाभार्थियों को अब आधार की जगह निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य रूप से देने होंगे:
- परिवार रजिस्टर की प्रमाणित नकल: तहसील या ब्लॉक स्तर से जारी परिवार रजिस्टर की प्रति, जिसमें जन्म का स्पष्ट विवरण हो।
- हाईस्कूल की मार्कशीट: यदि आवेदक पढ़ा-लिखा है, तो 10वीं का प्रमाण पत्र आयु के लिए सबसे पुख्ता दस्तावेज माना जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आधार कार्ड में जन्मतिथि अक्सर अनुमानित होती है या उसे आसानी से अपडेट कराया जा सकता है, जिससे अपात्र लोग भी योजना का लाभ उठा रहे थे पारदर्शिता लाने और केवल पात्र बुजुर्गों तक लाभ पहुँचाने के लिए सरकार ने अब पुख्ता दस्तावेजों को अनिवार्य किया है।
आवेदकों के लिए सलाह
जिन बुजुर्गों के आवेदन रद्द हुए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, विभाग द्वारा उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जा रहा है, ऐसे आवेदक अब परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाण पत्र के साथ दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
यह नियम फिलहाल केवल नए आवेदकों के लिए है, पुराने लाभार्थियों की पेंशन पर इसका तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन नए पंजीकरण के लिए अब कड़े मानक अपनाने होंगे।
















