
उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन का हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के तहत कानपुर और झांसी नोड्स में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों में विस्तार के लिए ₹244.69 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी की है, जिससे रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के आगमन का रास्ता साफ हो गया है।
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कानपुर और झांसी में औद्योगिक विस्तार
डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड्स में से झांसी और कानपुर रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
- कानपुर नोड: यहाँ अब तक 551 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने यहाँ ₹1,500 करोड़ के निवेश के साथ दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा गोला-बारूद और मिसाइल परिसर पहले ही स्थापित कर दिया है।
- झांसी नोड: यहाँ जमीन की दरें सबसे कम होने के कारण निवेशक भारी रुचि दिखा रहे हैं। अब तक यहाँ 2,686 एकड़ भूमि ली जा चुकी है, और सरकार का लक्ष्य इसे और 3,000 एकड़ तक बढ़ाने का है।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलने वाला है। अनुमानों के मुताबिक:
- कॉरिडोर की कुल परियोजनाओं से प्रदेश में लगभग 2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
- अब तक हुए 197 समझौतों (MoUs) के माध्यम से करीब 52,000 युवाओं को नौकरी मिलने की उम्मीद है।
- आने वाले समय में 110 से अधिक नई कंपनियों के साथ चल रही बातचीत से 38,000 अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती
लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल और अलीगढ़ में ड्रोन निर्माण के बाद अब कानपुर-झांसी में हो रहा यह विस्तार रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देगा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर से न केवल बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय MSME इकाइयों और कुशल तकनीकी जनशक्ति (Engineers & Technicians) के लिए भी सुनहरे अवसर पैदा होंगे।
















