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यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी! आज से ₹2425 की दर पर शुरू हुई गेहूं की तौल; जानें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और पेमेंट की पूरी प्रक्रिया

यूपी के किसानों के लिए गेहूं खरीद में बड़ी राहत आई है। MSP ₹2585 प्रति क्विंटल होने के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सीधा बैंक भुगतान की व्यवस्था से अब किसानों को आसानी और पारदर्शिता मिल रही है।

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उत्तर प्रदेश के लाखों गेहूं उत्पादक किसानों को आज बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पहले से 160 रुपये ज्यादा है। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी! आज से ₹2425 की दर पर शुरू हुई गेहूं की तौल; जानें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और पेमेंट की पूरी प्रक्रिया

खरीद का कार्य सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा और यह 15 जून तक जारी रहेगा। राज्य भर में 6500 से ज्यादा क्रय केंद्र सक्रिय हो चुके हैं। अभी तक लाखों किसानों ने अपना नाम दर्ज करा लिया है। बरेली, शाहजहांपुर और मिर्जापुर जैसे जिलों में केंद्र पूरी तैयारी के साथ किसानों का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में उत्साह का माहौल है, हालांकि कुछ जगहों पर पंजीकरण में थोड़ी देरी देखी जा रही है।

पंजीकरण कैसे करें?

गेहूं बेचने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी है। किसान सरकारी पोर्टल या यूपी किसान मित्र ऐप पर जाकर आसानी से रजिस्टर कर सकते हैं। सबसे पहले मोबाइल नंबर और आधार कार्ड डालें। फिर बैंक खाते का विवरण जैसे अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड भरें। ओटीपी से सत्यापन पूरा होने के बाद पंजीकरण सक्रिय हो जाता है। अगर 100 क्विंटल से ज्यादा गेहूं बेचना हो, तो जमीन के कागजात या अन्य दस्तावेज भी जमा करने पड़ सकते हैं। पंजीकरण के एक दिन बाद ही केंद्र पर बिक्री शुरू हो सकती है। यह प्रक्रिया सरल रखी गई है ताकि हर किसान आसानी से लाभ ले सके।

तौल से पैसे खाते में, 48 घंटे का वादा

पुराने नकद भुगतान को अलविदा कहते हुए अब पूरी तरह डिजिटल पेमेंट होगा। क्रय केंद्र पर गेहूं तौलते समय गुणवत्ता की जांच होगी। नमी कम और मिलावट मुक्त फसल ही स्वीकार होगी। वजन दर्ज होने के बाद 48 घंटे के अंदर पैसे सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे। किसान को मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट भी मिलेगा। यह व्यवस्था पारदर्शी है और किसानों को समय पर पैसा सुनिश्चित करती है।

क्या हैं चुनौतियां और सावधानियां

कुछ किसानों को ऐप या पोर्टल पर तकनीकी समस्या हो सकती है, खासकर इंटरनेट कमजोर इलाकों में। ऐसे में स्थानीय सहायता केंद्र या हेल्पलाइन नंबर की मदद लें। समय रहते पंजीकरण करा लें, क्योंकि अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है। कृषि विभाग ने किसानों से गुणवत्ता पर ध्यान देने को कहा है। यह खरीद न केवल आर्थिक मदद देगी, बल्कि खाद्यान्न भंडारण को भी मजबूत करेगी।

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