
भारत का उत्तर-पूर्वी कोना अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विविध संस्कृति और रणनीतिक महत्व के लिए दुनिया भर में जाना जाता है अक्सर ‘7 सिस्टर्स’ के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में असल में 8 राज्य शामिल हैं, जिन्हें ‘7 सिस्टर्स और 1 ब्रदर’ के अनोखे संगम के रूप में देखा जाता है।
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किन्हें कहा जाता है ‘7 सिस्टर्स’?
पूर्वोत्तर के सात राज्यों को उनकी परस्पर निर्भरता और सांस्कृतिक समानता के कारण ‘7 सिस्टर्स’ (सात बहनें) कहा जाता है। इस सूची में शामिल हैं:
- अरुणाचल प्रदेश: ‘उगते सूरज की भूमि’ के रूप में विख्यात यह राज्य सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- असम: चाय के बागानों और एक सींग वाले गैंडों (काजीरंगा) के लिए प्रसिद्ध, यह उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार है।
- मेघालय: ‘बादलों का घर’ कहा जाने वाला यह राज्य अपनी भारी बारिश और जीवंत रूट ब्रिज के लिए जाना जाता है।
- नगालैंड: अपनी अनूठी जनजातीय संस्कृति और विश्व प्रसिद्ध ‘हॉर्नबिल फेस्टिवल’ के लिए इसकी अलग पहचान है।
- मणिपुर: इसे ‘भारत का गहना’ कहा जाता है, जो अपने शास्त्रीय नृत्य और लोकतक झील के लिए मशहूर है।
- मिजोरम: अपनी ऊंची पहाड़ियों और साक्षरता दर के मामले में यह राज्य देश में अग्रणी स्थान रखता है।
- त्रिपुरा: तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा यह राज्य अपनी हस्तशिल्प और सुंदर महलों के लिए विख्यात है।
सिक्किम: पूर्वोत्तर का इकलौता ‘भाई’
अक्सर लोग असमंजस में रहते हैं कि क्या सिक्किम भी 7 बहनों का हिस्सा है? तकनीकी रूप से, सिक्किम इन सात राज्यों के साथ सीमा साझा नहीं करता, इसलिए इसे ‘1 ब्रदर’ (एक भाई) का दर्जा दिया गया है, साल 2002 में सिक्किम को आधिकारिक तौर पर ‘नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल’ का आठवां सदस्य बनाया गया था।
पर्यटन और विकास का नया हब
हाल के वर्षों में बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते ये 8 राज्य पर्यटन के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं, एडवेंचर लवर्स से लेकर प्रकृति प्रेमियों तक के लिए यह ‘अष्टलक्ष्मी’ क्षेत्र आज पहली पसंद बना हुआ है।
















