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Study Abroad Scholarship 2026: विदेश में पढ़ाई का सपना होगा सच! सरकार की नई ‘ग्लोबल स्कॉलरशिप’ योजना के तहत 100% फीस होगी माफ, आवेदन शुरू।

सरकार की नई योजना से अब विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का सपना बिना पैसे खर्चे पूरा करें। पूरी फीस माफ, आवेदन अभी शुरू। जल्दी चेक करें योग्यता और अप्लाई करें, सीटें सीमित हैं!

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आजकल युवाओं में विदेशी डिग्री का क्रेज चरम पर है। अमेरिका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से मास्टर्स या पीएचडी लौटने वाले स्टूडेंट्स नौकरियों में अव्वल आते हैं। लेकिन ऊंची फीस और रहन-सहन का खर्च लाखों का बोझ बन जाता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चर्चा गरम है एक नई सरकारी योजना की, जो कथित तौर पर पूरी फीस माफ कर देगी। वास्तव में यह मौजूदा सरकारी प्रयासों को नया रूप देने का संकेत देती है, जो खास वर्गों के मेधावी छात्रों को विदेशी यूनिवर्सिटी का रास्ता दिखा रही है।

Study Abroad Scholarship 2026: विदेश में पढ़ाई का सपना होगा सच! सरकार की नई 'ग्लोबल स्कॉलरशिप' योजना के तहत 100% फीस होगी माफ, आवेदन शुरू।

यह योजना मुख्य रूप से उन छात्रों पर केंद्रित है, जिनकी पारिवारिक आय सीमित है। कम आय वाले परिवारों से आने वाले मेधावी युवाओं को ट्यूशन फीस, रहने का खर्च और हवाई यात्रा तक की मदद मिलती है। अमेरिका जैसे देश में सालाना करीब 15 हजार डॉलर तक का जीवनयापन भत्ता सुनिश्चित किया जाता है। लेकिन लाभ सभी के लिए नहीं, बल्कि चुनिंदा समुदायों जैसे अनुसूचित जाति, डिनोटिफाइड ट्राइब्स, भूमिहीन कृषि मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों के बच्चों तक सीमित है। इसका मकसद सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है, ताकि प्रतिभाएं आर्थिक बाधा से न रुकें।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना में शामिल होने के लिए उम्र 1 अप्रैल 2026 तक 35 वर्ष से कम होनी चाहिए। अकादमिक रिकॉर्ड मजबूत होना जरूरी, यानी स्नातक स्तर पर कम से कम 60 प्रतिशत अंक मास्टर्स के लिए, और मास्टर्स में वैसा ही पीएचडी के लिए। स्नातक कोर्स कवर नहीं होते, सिर्फ पूर्णकालिक मास्टर्स या पीएचडी प्रोग्राम। पारिवारिक वार्षिक आय आठ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। एक ही परिवार से अधिकतम दो बच्चे ही लाभ ले सकते हैं। विदेशी यूनिवर्सिटी से बिना शर्त प्रवेश पत्र अनिवार्य है, खासकर दुनिया की शीर्ष 500 रैंक वाली संस्थाओं को प्राथमिकता मिलती है। पहले से विदेश पढ़ाई कर रहे या उसी स्तर की डिग्री वाले अयोग्य हैं। महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत कोटा आरक्षित है, जो प्रोत्साहन का बड़ा आधार है।

चयन से लेकर फंडिंग तक का सफर

आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होता है। व्यक्तिगत विवरण भरने के बाद जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, फोटो, पता प्रमाण और प्रवेश पत्र अपलोड करने पड़ते हैं। नौकरीपेशा उम्मीदवारों को नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी चाहिए। चयन मेरिट के आधार पर श्रेणीवार होता है। शीर्ष रैंक वाली यूनिवर्सिटी वाले पहले चक्र में चुने जाते हैं। बाकी स्लॉट बाद के चक्रों में भरे जाते हैं। चयनितों को अस्थायी पुरस्कार पत्र मिलता है, फिर वीजा और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। समय पर कोर्स जॉइन न करने पर अवसर रद्द हो जाता है। फंडिंग सरकारी बजट पर निर्भर करती है, इसलिए सीटें सीमित हैं।

फर्जी दावों से सावधान, वास्तविकता को समझें

सोशल मीडिया पर 100 प्रतिशत फीस माफी का दावा भ्रम फैला रहा है। यह योजना सभी के लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंद वर्गों के लिए है। लाभार्थियों को पढ़ाई पूरी कर भारत लौटने का वचन देना पड़ता है। पंजाब जैसे राज्यों में कोचिंग कल्चर के बीच यह अवसर अनमोल है। लेकिन सफलता के लिए आईईएलटीएस या टोफेल जैसे टेस्ट, मजबूत प्रोफाइल और रिसर्च प्रस्ताव तैयार रखें। निजी स्कॉलरशिप जैसे टाटा या अन्य ट्रस्ट भी सहारा बन सकते हैं। योग्य छात्र अभी से तैयारी शुरू कर दें। सपना बड़ा है, मेहनत से ही साकार होगा। यह न सिर्फ व्यक्तिगत उन्नति लाएगा, बल्कि देश को भी मजबूत बनाएगा।

Study Abroad Scholarship 2026

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