
स्कूलों द्वारा बढ़ती मनमानी फीस को लेकर अब सरकार सख्त हो गई है अभिभावकों को राहत देते हुए नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत वे अब सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं इस कदम का मकसद निजी स्कूलों की फीस संरचना में पारदर्शिता लाना और अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करना है।
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कहाँ करें शिकायत?
अभिभावक अब अपनी शिकायत संबंधित राज्य शिक्षा विभाग या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। कई राज्यों में इसके लिए हेल्पलाइन नंबर और विशेष शिकायत पोर्टल भी शुरू किए गए हैं, जहां फीस से जुड़ी समस्याओं को दर्ज कराया जा सकता है।
किन मामलों में कर सकते हैं शिकायत?
- बिना अनुमति फीस बढ़ाना
- अनावश्यक चार्ज (डेवलपमेंट, एक्टिविटी आदि) वसूलना
- यूनिफॉर्म और किताबें एक ही जगह से खरीदने का दबाव
- नियमों के खिलाफ एडमिशन फीस लेना
सरकार ने क्या दिए अधिकार?
सरकार ने अभिभावकों को यह अधिकार दिया है कि वे स्कूल की फीस से जुड़े किसी भी विवाद पर शिकायत कर सकें शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग जांच करेगा और दोषी पाए जाने पर स्कूल पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
स्कूलों के लिए क्या नियम?
निजी स्कूलों को अब फीस बढ़ाने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। बिना मंजूरी फीस बढ़ाने या अभिभावकों पर दबाव बनाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अभिभावकों को क्या करना चाहिए?
अगर किसी स्कूल में मनमानी फीस वसूली जा रही है, तो अभिभावकों को सभी दस्तावेज और रसीदें संभालकर रखनी चाहिए और तुरंत संबंधित पोर्टल या विभाग में शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
















