
किसानों के लिए खेती की मशीनों पर 80% तक की सब्सिडी पाने का यह एक बेहतरीन मौका है, सरकार की सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना और विभिन्न राज्य स्तरीय योजनाओं के तहत किसान आधुनिक उपकरणों पर भारी छूट का लाभ उठा सकते हैं।
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मुख्य जानकारी और सब्सिडी की दरें
मशीनों पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि मशीन के प्रकार और किसान की श्रेणी पर निर्भर करती है:
- 80% सब्सिडी: यह मुख्य रूप से फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC), और फसल अवशेष प्रबंधन (जैसे कृषि ड्रोन) के लिए समूहों या सहकारी समितियों को दी जाती है। कुछ राज्यों में (जैसे उत्तराखंड), ट्रैक्टरों पर भी चुनिंदा मामलों में 80% तक की भारी छूट के दावे किए गए हैं।
- 40% से 50% सब्सिडी: व्यक्तिगत किसानों (विशेषकर सामान्य वर्ग) को अधिकांश मशीनों जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर, और पावर टिलर पर 40-50% तक का अनुदान मिलता है।
- विशेष वर्ग को प्राथमिकता: महिला किसानों, छोटे व सीमांत किसानों, और SC/ST वर्ग के किसानों को उच्च दर पर सब्सिडी और प्राथमिकता दी जाती है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
अप्लाई करने से पहले इन दस्तावेजों को तैयार रखें:
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य)
- जमीन के दस्तावेज (खतौनी/जमाबंदी की प्रति)
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (ताकि सब्सिडी सीधे खाते में आए)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (यदि आप ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्र खरीद रहे हैं)
आवेदन कैसे करें? (Apply Now)
- केंद्र सरकार के DBT Agricultural Machinary Portal पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- उत्तर प्रदेश के किसान UP Agriculture Portal, मध्य प्रदेश के लिए E-Krishi Anudan Portal, और राजस्थान के लिए Raj Kisan Portal का उपयोग कर सकते हैं।
- कई राज्यों (जैसे UP) में बुकिंग के लिए टोकन मनी जमा करनी होती है (₹100 से ₹1 लाख की सब्सिडी पर ₹2500, और इससे अधिक पर ₹5000)।
- भारी मांग के कारण कई बार लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाता है।
आवेदन की अंतिम तिथियां हर राज्य और जिले के लिए अलग-अलग हो सकती हैं, उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में रबी सीजन की बुकिंग की कुछ तारीखें जनवरी तक थीं, ताज़ा जानकारी के लिए तुरंत अपने निकटतम कृषि कार्यालय (Block/District Agriculture Office) से संपर्क करें।
















