
किराएदारों को “हर महीने सीधे नकद पैसे” देने वाली खबरों की सच्चाई यह है कि सरकार सीधे तौर पर नकद राशि नहीं देती है हालांकि, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-U) 2.0 और मॉडल टेनेंसी एक्ट जैसी योजनाओं के तहत किराएदारों को घर खरीदने के लिए वित्तीय सहायता और रहने के लिए बेहतर कानूनी अधिकार जरूर मिल रहे हैं।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 – घर का सपना होगा सच
यह योजना उन शहरी परिवारों के लिए है जो किराए के घरों में रहते हैं और अपना खुद का घर बनाना या खरीदना चाहते हैं।
- ब्याज सब्सिडी (ISS): पहली बार घर खरीदने वालों को ₹25 लाख तक के लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी मिल सकती है, जिससे कुल बचत ₹1.80 लाख तक हो सकती है।
- आर्थिक सहायता: EWS श्रेणी के पात्र परिवारों को घर निर्माण के लिए सरकार की ओर से ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख तक की सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है।
- ऑनलाइन आवेदन: PMAY-Urban की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए आवेदन किया जा सकता है।
किफायती रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (ARHCs)
यह PMAY-U की एक उप-योजना है, जो खास तौर पर प्रवासियों और शहरी गरीबों के लिए बनाई गई है।
- सस्ता किराया: औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों के पास रहने के लिए आधुनिक रेंटल कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं, जहाँ बहुत ही कम किराए पर गरिमापूर्ण जीवन बिताने की सुविधा मिलती है।
- सुविधाएं: इन परिसरों में पानी, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं आवासीय दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
रेंट एग्रीमेंट के नए नियम (मॉडल टेनेंसी एक्ट 2025-26)
किराएदारों को मकान मालिकों की मनमानी से बचाने के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं:
- सिक्योरिटी डिपॉजिट: आवासीय संपत्तियों के लिए मकान मालिक अधिकतम 2 महीने के किराए के बराबर ही डिपॉजिट ले सकते हैं।
- किराया वृद्धि: किराए में बढ़ोतरी के लिए कम से कम 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
- गोपनीयता और मरम्मत: मकान मालिक बिना 24 घंटे की पूर्व सूचना के घर में प्रवेश नहीं कर सकता। साथ ही, जरूरी मरम्मत की जिम्मेदारी भी अब स्पष्ट रूप से तय की गई है।
सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों से बचें जो “महीने के 5000-10000 रुपये सीधे खाते में” आने की बात करते हैं, ऐसी कोई भी योजना आधिकारिक नहीं है। सटीक जानकारी के लिए हमेशा MyScheme या PMAY-U 2.0 पोर्टल का ही उपयोग करें।
















