
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ अपनी जंग को और तेज करते हुए ‘दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026-2030’ का मसौदा (Draft) पेश कर दिया है इस नई नीति का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ने वाला है जो आने वाले समय में पेट्रोल से चलने वाली बाइक या स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं।
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2028 से पेट्रोल बाइक-स्कूटर पर ‘फुल स्टॉप’
सरकार के नए प्रस्ताव के मुताबिक, 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल टू-व्हीलर्स (बाइक और स्कूटर) का पंजीकरण (Registration) पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि 2028 के बाद आप दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही खरीद और रजिस्टर कर पाएंगे।
पुरानी बाइक वालों के लिए क्या है नियम?
अगर आपके पास पहले से ही पुरानी पेट्रोल बाइक है, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा:
- स्क्रैपिंग पर फायदा: सरकार पुरानी गाड़ियों (विशेषकर BS-IV या उससे पुरानी) को हटाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को मान्यता प्राप्त सेंटर पर ‘स्क्रैप’ कराते हैं, तो आपको एक सर्टिफिकेट मिलेगा। इस सर्टिफिकेट का उपयोग नई इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने पर अतिरिक्त सब्सिडी पाने के लिए किया जा सकता है।
- कन्वर्जन किट (Retrofitting): पुरानी पेट्रोल बाइक को इलेक्ट्रिक में बदलने (Retrofitting) के विकल्पों को भी सरकार बढ़ावा दे रही है, ताकि आपको पूरी गाड़ी बदलने की जरूरत न पड़े।
सब्सिडी का बड़ा धमाका
नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ग्राहकों को भारी वित्तीय सहायता दी जाएगी:
- टू-व्हीलर सब्सिडी: इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर खरीदने पर पहले साल ₹30,000 तक की सब्सिडी मिलेगी हालांकि, यह सब्सिडी समय के साथ कम होती जाएगी (दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000)।
- टैक्स में छूट: ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट 2030 तक जारी रहेगी।
कमर्शियल वाहनों के लिए सख्त समयसीमा
डिलीवरी और एग्रीगेटर सेवाओं (जैसे जोमैटो, स्विगी, ओला, उबर) के लिए नियम और भी सख्त हैं:
- 1 जनवरी 2026 से ये कंपनियां अपने बेड़े में कोई भी नया पेट्रोल/डीजल टू-व्हीलर नहीं जोड़ सकेंगी।
- 1 अप्रैल 2030 तक इन सभी कंपनियों को अपने 100% वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलना अनिवार्य होगा।
















