
भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में निवेश करने वालों और शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वालों के लिए बड़ी खबर है अप्रैल 2026 का महीना सोने के निवेशकों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, महीने के आखिरी दिन यानी 30 अप्रैल 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में महीने भर के भीतर प्रति 100 ग्राम ₹22,900 की भारी गिरावट (Slump) दर्ज की गई है।
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कीमतों में बड़ी गिरावट: एक महीने का सफर
अप्रैल महीने की शुरुआत में सोने ने अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर (All-time High) को छुआ था। 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,57,800 प्रति 100 ग्राम तक पहुंच गई थी। हालांकि, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते इसमें लगातार सुधार (Correction) देखा गया। आज 30 अप्रैल को कीमतें इस उच्चतम स्तर से ₹22,900 नीचे आ चुकी हैं।
प्रमुख शहरों में आज के लेटेस्ट रेट (प्रति 10 ग्राम)
विभिन्न शहरों में स्थानीय करों (GST) और मेकिंग चार्जेस के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखा जा सकता है:
| शहर | 24 कैरेट (शुद्ध सोना) | 22 कैरेट (जेवराती सोना) |
|---|---|---|
| दिल्ली (Delhi) | ₹1,50,590 | ₹1,38,100 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹1,50,440 | ₹1,37,900 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹1,51,640 | ₹1,39,490 |
| बेंगलुरु (Bangalore) | ₹1,50,660 | ₹1,38,100 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹1,50,440 | ₹1,37,900 |
चांदी की कीमतों में भी हलचल (Silver Rates Today)
सोने के साथ-साथ चांदी (Silver) की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है, औद्योगिक मांग और वैश्विक संकेतों के कारण चांदी फिलहाल ₹2,50,000 से ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार कर रही है, दिल्ली और मुंबई में चांदी का भाव करीब ₹2,50,000 प्रति किलो है, जबकि चेन्नई में यह ₹2,60,000 के पार बना हुआ है।
क्यों सस्ता हुआ सोना? मुख्य कारण (Key Factors)
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण (Drivers) रहे हैं:
- मजबूत अमेरिकी डॉलर (Strong US Dollar): अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान सोने से हटकर मुद्रा की ओर बढ़ा है।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed Reserve): ब्याज दरों (Interest Rates) को लेकर फेडरल रिजर्व के कड़े रुख ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है।
- कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices): वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता का सीधा असर कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) पर पड़ा है।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों और संस्थानों ने बिकवाली शुरू की, जिससे बाजार में गिरावट आई।
निवेशकों के लिए सलाह
आगामी अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के त्यौहार को देखते हुए रिटेल खरीदारों के लिए यह एक अच्छा प्रवेश बिंदु (Entry Point) हो सकता है, डिजिटल गोल्ड (Digital Gold), गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
















