
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) के तहत अब गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के जरिए पात्र महिलाओं को कुल ₹11,000 तक की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान मजदूरी के नुकसान की भरपाई करना और जच्चा-बच्चा के पोषण स्तर में सुधार लाना है।
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दो किस्तों में मिलता है लाभ: समझें गणित
योजना के संशोधित नियमों के अनुसार, अब महिलाओं को पहले और दूसरे बच्चे के जन्म पर अलग-अलग वित्तीय सहायता दी जाती है:
- पहले बच्चे के जन्म पर (₹5,000):
- पहली किस्त के रूप में ₹3,000 गर्भावस्था के पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) के बाद मिलते हैं।
- दूसरी किस्त के रूप में ₹2,000 बच्चे के जन्म पंजीकरण और पहले चरण के टीकाकरण के बाद दिए जाते हैं।
- दूसरी संतान ‘बेटी’ होने पर (₹6,000):
- सरकार कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बालिकाओं को बढ़ावा देने के लिए दूसरी संतान लड़की होने पर एकमुश्त ₹6,000 की सहायता प्रदान करती है। इस तरह कुल लाभ ₹11,000 तक पहुंच जाता है।
डिजिटल हुआ आवेदन: अब घर बैठे करें रजिस्ट्रेशन
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है। अब लाभार्थी को दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है:
- सेल्फ रजिस्ट्रेशन: इच्छुक महिलाएं आधिकारिक पोर्टल pmmvy.wcd.gov.in पर जाकर ‘Citizen Login’ के जरिए खुद को रजिस्टर कर सकती हैं।
- मोबाइल ऐप: गूगल प्ले स्टोर से ‘PMMVY Soft App’ डाउनलोड कर मोबाइल से भी आवेदन किया जा सकता है।
- ऑफलाइन विकल्प: जो महिलाएं ऑनलाइन सक्षम नहीं हैं, वे अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या आशा कार्यकर्ता की मदद से फॉर्म भर सकती हैं।
जरूरी दस्तावेज और पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए महिला की आयु 19 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए, आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं:
- लाभार्थी का आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य)।
- बैंक खाते की पासबुक।
- MCP कार्ड (माता एवं बाल संरक्षण कार्ड)।
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (दूसरी किस्त/दूसरी संतान के मामले में)।
योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और बैंक खाते का नाम एक समान होना चाहिए ताकि DBT (Direct Benefit Transfer) में कोई बाधा न आए।
















