
भारत में साक्षरता के मोर्चे पर एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में नंबर-1 की कुर्सी पर काबिज केरल का दबदबा अब खत्म हो गया है ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम ने सबको पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे शिक्षित प्रदेश का खिताब अपने नाम कर लिया है।
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मिजोरम ने रचा इतिहास, साक्षरता दर 98.2% के पार
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने आधिकारिक तौर पर राज्य को ‘पूर्ण साक्षर प्रदेश’ घोषित किया है। नवीनतम सर्वेक्षणों के अनुसार, मिजोरम की साक्षरता दर 98.2% के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। राज्य की इस सफलता के पीछे ULLAS (Understanding Lifelong Learning for All in Society) पहल और सामुदायिक भागीदारी का बड़ा हाथ माना जा रहा है।
केरल की रैंकिंग में भारी गिरावट
हैरानी की बात यह है कि केरल, जो हमेशा से साक्षरता की सूची में शीर्ष पर रहता था, अब खिसक कर चौथे स्थान पर आ गया है विशेषज्ञों के अनुसार, साक्षरता के नए मानकों और सर्वेक्षणों के बाद रैंकिंग में यह बड़ा फेरबदल देखने को मिला है।
देश के टॉप 5 सबसे साक्षर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
| रैंक | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | साक्षरता दर (%) |
|---|---|---|
| 1 | मिजोरम | 98.2% |
| 2 | लक्षद्वीप | 97.3% |
| 3 | नागालैंड | 95.7% |
| 4 | केरल | 95.3% |
| 5 | त्रिपुरा | 95.6% |
पूर्वोत्तर राज्यों का कमाल
इस नई लिस्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्वोत्तर भारत शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला रहा है, टॉप 5 की सूची में मिजोरम के साथ-साथ नागालैंड और त्रिपुरा जैसे राज्यों ने भी अपनी जगह पक्की की है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
















